Uttar Pradesh News: मेरठ जेल में बंद महिला कैदी मुस्कान की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ के टुकड़े करने वाली मुस्कान अब भगवान की भक्ति में लीन है। हत्या के इस जघन्य मामले में जेल जाने के बाद 13 महीने बीत गए हैं। इतने समय में उससे मिलने कोई भी जेल नहीं आया। दुनिया की इस बेरुखी ने मुस्कान को आध्यात्म की राह दिखा दी है। अब वह अन्य महिला बंदियों को मोह-माया छोड़ने की ज्ञानवर्धक सलाह देती है।
सात घंटे करती है ईश्वर की साधना
मुस्कान जेल में हर दिन करीब सात घंटे भगवान की साधना में व्यतीत करती है। वह लगातार रुद्राक्ष की माला जपती रहती है। मुस्कान जेल परिसर में होने वाले सत्संग और भजनमाला में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। वह रोज भगवान शिव की विशेष स्तुति करती है। इसके साथ ही वह नियमित रूप से सुंदरकांड और रामायण का पाठ भी पढ़ती है। मुस्कान का कहना है कि संकट की घड़ी में इंसान का असली सहारा सिर्फ ईश्वर ही होता है। अब उसे मानसिक शांति मिल गई है।
बयान दर्ज होने के बाद मिली राहत
कुछ समय पहले मुस्कान बहुत ज्यादा घबराहट और एंजाइटी का शिकार थी। लेकिन अदालत में मुल्जिम के तौर पर अपना बयान दर्ज कराने के बाद वह काफी राहत महसूस कर रही है। ड्रग्स जैसी बुरी आदत छोड़ने के बाद उस पर सिर्फ भक्ति का रंग चढ़ गया है। जेल प्रशासन भी उसके इस सकारात्मक बदलाव को देखकर हैरान है। मुस्कान अब अन्य महिला कैदियों से धार्मिक विषयों पर लंबी चर्चा करती है। उसका यह बदला हुआ रूप जेल में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रेमी साहिल कर रहा जेल में खेती
इस खौफनाक हत्याकांड का दूसरा आरोपी और मुस्कान का प्रेमी साहिल भी मेरठ जेल में बंद है। साहिल ने जेल के अंदर खुद को खेती के काम में व्यस्त कर लिया है। याद दिला दें कि मुस्कान और साहिल के अवैध संबंधों का पति सौरभ ने कड़ा विरोध किया था। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी थी। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए लाश के कई टुकड़े किए और उसे सीमेंट के ड्रम में बंद कर दिया था।
