ढाई लाख रुपये लौटाने से मना किया तो किसान की हत्या, गले में रस्सी बांध जंगल में फेंका शव

Uttar Pradesh News: थाना नयागांव क्षेत्र के नगला डांडा गांव में रुपयों के लेन-देन ने एक परिवार को तबाह कर दिया। 36 वर्षीय किसान राजकुमार की हत्या कर उनका क्षत-विक्षत शव जंगल में फेंक दिया गया। तीन दिन बाद 26 अप्रैल की रात झाड़ियों से आती दुर्गंध के चलते ग्रामीणों को शव मिला। मृतक के गले और पैरों में रस्सी बंधी हुई थी। सिर पर गंभीर चोटों के निशान भी पाए गए। परिवार ने मृतक की मौसेरी सास, उसके पुत्र और पुत्रियों पर रुपये हड़पने के लिए हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

ट्रक हादसे के बाद मदद को आगे आया था किसान

गांव लाखापुर निवासी राजकुमार का मौसिया ससुर देव सिंह ट्रक चालक था। वर्ष 2024 में एक सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब देख राजकुमार ने मदद का हाथ बढ़ाया। उसने अपनी मौसेरी सास कांता देवी निवासी नगला डांडा को ढाई लाख रुपये दे दिए। कांता देवी ने दुर्घटना बीमा का पैसा आने पर पूरी रकम लौटाने का भरोसा दिया था। राजकुमार ने नेक इरादे से यह राशि दी थी, लेकिन बाद में यही फैसला उसकी मौत का कारण बन गया।

बीमा मिलने के बाद भी मौसेरी सास ने की टालमटोल

दुर्घटना बीमा की राशि कांता देवी को मिल चुकी थी, लेकिन वह राजकुमार के पैसे लौटाने में आनाकानी करने लगी। मृतक के चचेरे भाई हरिसिंह ने आरोप लगाया कि कांता देवी ने पहले तो टालमटोल की और बाद में रुपये देने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने जान से मारने तक की धमकी भी दे डाली। लगातार परेशान किए जाने पर राजकुमार 23 अप्रैल को थाना नयागांव पहुंचा। उसने कांता देवी, उसके पुत्र शिवम, पुत्री स्वाती और सगुम के खिलाफ तहरीर देकर पुलिस कार्रवाई की मांग की थी।

थाने से निकलने के बाद से हो गया था गायब

थाने से तहरीर देकर निकलने के बाद राजकुमार ने मौसेरी सास के देवर भारत सिंह को कॉल कर पूरी जानकारी दी। लेकिन उसके बाद वह न तो घर पहुंचा और न ही उसका कोई फोन आया। शाम तक जब कोई खबर नहीं मिली तो परिवार को चिंता हुई। 24 अप्रैल को स्वजनों ने सभी रिश्तेदारियों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की। राजकुमार का कोई सुराग नहीं मिल पाया। घबराए परिवार ने 25 अप्रैल को थाना नयागांव में औपचारिक गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस भी उसकी तलाश में सक्रिय हुई।

झाड़ियों से आती दुर्गंध ने खोला हत्या का राज

26 अप्रैल की रात गांव नगला डांडा के बाहर पानी की टंकी के पास से ग्रामीणों को तेज दुर्गंध आई। जब लोग झाड़ियों के अंदर देखने गए तो एक युवक का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही मृतक का दोस्त आशीष और चचेरा भाई हरिसिंह मौके पर पहुंचे। शव पूरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में था और उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था। लेकिन शरीर पर पड़े कपड़ों और कमर में बंधी बेल्ट से उसकी शिनाख्त हुई। आशीष ने बताया कि उसने और राजकुमार ने मलावन से एक साथ बेल्ट खरीदी थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस जांच जारी

सोमवार शाम तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। परिवार ने कहा कि वह मंगलवार को पुलिस को विस्तृत तहरीर सौंपेगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हत्या के आरोप में नामजद मौसेरी सास कांता देवी और उसके बेटे-बेटियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की सभी पहलुओं पर गहनता से जांच-पड़ताल जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया जाएगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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