US News: ईरान से जंग के बीच अमेरिका एक और गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पिछले तीन साल में देश के कई बड़े वैज्ञानिक और एक रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए हैं या उनकी मौत हो गई है। इनमें न्यूक्लियर, एयरोस्पेस और फ्यूजन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस मामले ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
किन सेक्टरों के वैज्ञानिक हुए गायब? लॉस अलामोस, NASA और MIT के टॉप एक्सपर्ट शामिल
2023 से अब तक कम से कम 9 और संभवतः 10 वैज्ञानिक लापता हो चुके हैं। ये घटनाएं लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी, नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी और एमआईटी के प्लाज्मा साइंस एंड फ्यूजन सेंटर जैसे अत्यधिक संवेदनशील संस्थानों के आसपास हुई हैं। ये सभी संस्थान भविष्य की तकनीक, ऊर्जा और रक्षा से जुड़े गोपनीय प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं। किसी भी स्तर पर जानकारी लीक होना अमेरिका के लिए बड़ा खतरा है।
फोन, पर्स और चाबियां छोड़ घर से पैदल निकले, बेहद असामान्य व्यवहार
रिपोर्टों के अनुसार, जो वैज्ञानिक लापता हुए हैं, वे अचानक अपने घरों से पैदल निकल गए। उन्होंने अपने फोन, पर्स और चाबियां तक पीछे छोड़ दीं। यह व्यवहार बेहद असामान्य माना जा रहा है। कुछ वैज्ञानिकों की मौत अचानक या हिंसक परिस्थितियों में हुई है। विशेषज्ञों को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। पूर्व एफबीआई अधिकारियों ने जासूसी और टारगेटेड किडनैपिंग के एंगल से जांच की मांग की है।
रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल भी लापता, चिंताएं बढ़ीं
इन मामलों में एक और चौंकाने वाला नाम सामने आया है। रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम नील मैककैसलैंड 27 फरवरी को लापता हो गए थे। उनके गायब होने के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। अब यह सिर्फ वैज्ञानिकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों तक पहुंच गया है। इससे अमेरिकी सुरक्षा तंत्र में गहरी दरार के संकेत मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर लगातार सरकार से पारदर्शिता की मांग हो रही है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने दिया टालमटोल भरा जवाब
व्हाइट हाउस ने पहले तो इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग में जब प्रेस सेक्रेटरी करोलिन लेविट से पूछा गया कि क्या ट्रंप प्रशासन इन घटनाओं की जांच कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी एजेंसियों से बात नहीं की है। उन्होंने जानकारी लेकर जवाब देने की बात कही, लेकिन यह बयान टालमटोल वाला माना गया। विपक्षी नेताओं ने सरकार की इस प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
जासूसी और किडनैपिंग का एंगल मजबूत, अमेरिकी एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के पास टॉप-सीक्रेट जानकारी होती है, वे ऐसे मामलों में अधिक खतरे में होते हैं। अमेरिकी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के सामने यह एक बड़ी चुनौती है। एक तरफ देश के टॉप वैज्ञानिक और सैन्य अधिकारी संदिग्ध हालात में गायब हो रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार की प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं है। अब यह देखना होगा कि क्या यह सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है। फिलहाल, परिवारों और सुरक्षा विशेषज्ञों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
