रूस के तुआप्से पोर्ट पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, तेल टर्मिनल तबाह, $7 अरब के नुकसान का दावा

Russia-Ukraine News: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब एक नए और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को यूक्रेन ने काला सागर के तट पर स्थित रूस के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तुआप्से (Tuapse) बंदरगाह पर जबरदस्त ड्रोन हमला किया। इस हमले में बंदरगाह का मुख्य तेल टर्मिनल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे रूसी कच्चे तेल का निर्यात ठप होने की कगार पर है। यूक्रेन ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में पास ही स्थित एक बड़ी ऑयल रिफायनरी को भी निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही हुई है।

16 अप्रैल के बाद चौथा बड़ा हमला, ठप हुआ निर्यात

काला सागर स्थित यह बंदरगाह रूस की अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा माना जाता है। यूक्रेन ने 16 अप्रैल से अब तक इस क्षेत्र पर चौथी बार हमला किया है। ताजा ड्रोन हमलों से तेल टर्मिनल में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए रूसी अग्निशमन दल घंटों मशक्कत करते रहे। इन हमलों के कारण रिफायनरी ने पहले ही काम रोक दिया था, लेकिन अब टर्मिनल के क्षतिग्रस्त होने से जहाजों के जरिए होने वाला तेल निर्यात पूरी तरह बाधित हो गया है। इसे रूस के ऊर्जा उद्योग पर यूक्रेन का सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

पर्यावरण संकट: समुद्र में तेल रिसाव और जहरीला धुआं

इस हमले ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि भीषण पर्यावरणीय संकट भी खड़ा कर दिया है। टर्मिनल और रिफायनरी में लगी आग से काला सागर के आसमान में काला जहरीला धुआं फैल गया है। रिपोर्टों के अनुसार, भारी मात्रा में कच्चा तेल समुद्र के पानी में मिल गया है, जिससे समुद्री जीव-जंतुओं और तटीय पारिस्थितिकी को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने तुआप्से शहर के निवासियों को अपने घरों के खिड़की-दरवाजे बंद रखने और बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।

पर्यटन स्थलों पर ताला और पेयजल की किल्लत

ड्रोन हमलों और तेल रिसाव के कारण समुद्र किनारे बने प्रसिद्ध रिजॉर्ट और पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसर गया है। रूस के इस हिस्से में पर्यटन का बड़ा कारोबार है, जो अब पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। तेल रिसाव के कारण पेयजल आपूर्ति प्रणालियों के दूषित होने का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से पानी बचाने की अपील की है। रूसी खुफिया अधिकारियों ने अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन अरबों डॉलर में किया जा रहा है।

जेलेंस्की का दावा: रूस को हुआ $7 अरब का राजस्व घाटा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे अपनी सैन्य रणनीति का हिस्सा बताया। जेलेंस्की ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि हाल के महीनों में किए गए इन सटीक हमलों से रूस को करीब 7 अरब डॉलर (लगभग 58,000 करोड़ रुपये) के राजस्व का नुकसान हुआ है। यूक्रेन का मकसद रूस के ऊर्जा ढांचे को इतना कमजोर करना है कि उसे युद्ध जारी रखने के लिए धन की कमी हो जाए। यूक्रेन ने स्पष्ट किया है कि जब तक रूस अपने हमले नहीं रोकता, तब तक उसके आर्थिक ठिकानों पर प्रहार जारी रहेंगे।

रूसी पलटवार: टर्नोपिल और ओडेसा में ड्रोन बारिश

यूक्रेन के हमले के जवाब में रूस ने भी शुक्रवार को जबरदस्त हवाई हमले किए। पश्चिमी यूक्रेन के टर्नोपिल शहर पर रूस ने 50 से अधिक ड्रोन दागे, जिसमें एक औद्योगिक संस्थान तबाह हो गया और 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, बंदरगाह शहर ओडेसा में भी रूसी हवाई हमलों ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें दो नागरिक जख्मी हुए हैं। यूक्रेन के खुफिया संगठन (SBU) ने तुआप्से हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उनकी लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता अब रूस के किसी भी सुरक्षित ठिकाने को तबाह कर सकती है।

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