देशभर में मौसम का तांडव: कहीं ओले तो कहीं बर्फबारी, IMD ने अगले 48 घंटों के लिए जारी किया भीषण अलर्ट

India News: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है। अप्रैल के अंत में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं अब अगले 48 घंटे भारी तबाही का संकेत दे रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से उत्तर भारत से लेकर दक्षिण तक आंधी-तूफान का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट और भारी तबाही

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम ने खतरनाक यू-टर्न लिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, क्योंकि यहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें आई हैं। सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में येलो अलर्ट का साया

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों से लेकर पूर्वांचल तक बादलों का डेरा है और कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने यूपी के अधिकांश जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका जताई है। वहीं बिहार के 22 जिलों में मौसम विभाग ने लोगों को जलाशयों और पेड़ों से दूर रहने की चेतावनी दी है। यहां तेज हवाओं ने पारे को नीचे गिराया है, लेकिन आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।

राजस्थान और पंजाब-हरियाणा में धूल भरी आंधी का कहर

राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच अचानक आए तूफान ने दृश्यता कम कर दी है। यहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही धूल भरी आंधी सड़क हादसों का सबब बन रही है। पंजाब और हरियाणा में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जिससे तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी है क्योंकि तेज हवाएं बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

पहाड़ों पर बर्फबारी और पूर्वोत्तर में तूफान का खतरा

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मई की शुरुआत बर्फबारी के साथ हो रही है। शिमला, मनाली और बद्रीनाथ जैसे इलाकों में बारिश और ओलों ने ठंड का अहसास फिर से करा दिया है। दूसरी तरफ, पूर्वोत्तर राज्यों असम और नागालैंड में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भारी बारिश का संकट बना हुआ है। यहां भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

दक्षिण भारत में प्री-मानसून की दस्तक और समुद्री तूफान

दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्री-मानसून की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की हिदायत दी गई है। तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने दक्षिण के प्रमुख शहरों में तापमान को नियंत्रित किया है। हालांकि, शहरी इलाकों में जलजमाव की समस्या ने स्थानीय प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। आने वाले दो दिनों तक पूरे भारत में यह अस्थिरता बनी रहेगी।

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