National News: हबल स्पेस टेलीस्कोप को ब्रह्मांड की एक ऐसी अद्भुत ‘टाइम मशीन’ कहा जा सकता है जो हमें समय में पीछे ले जाती है। यह टेलीस्कोप दूर स्थित तारों और आकाशगंगाओं से आने वाली रोशनी को कैद करता है। रोशनी को हबल तक पहुंचने में करोड़ों-अरबों साल का वक्त लगता है। इसलिए जो तस्वीरें हम आज देख रहे हैं, वे दरअसल उन पिंडों का अरबों साल पुराना रूप हैं। खगोल विज्ञान को एक तरह से ब्रह्मांडीय पुरातत्व विज्ञान भी कहा जा सकता है। यह सिर्फ तस्वीरें नहीं लेता, बल्कि हमें समय के उस किनारे तक ले जाता है जहां से ब्रह्मांड की शुरुआत हुई थी।
पृथ्वी के वायुमंडल से ऊपर रहकर कैद करता है अनूठे नजारे
हबल स्पेस टेलीस्कोप सिर्फ एक दूरबीन नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक-सांस्कृतिक प्रतीक बन चुका है। यह पृथ्वी की निचली कक्षा में करीब 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर घूमता है। हबल को पृथ्वी का एक पूरा चक्कर लगाने में महज 95 से 96 मिनट लगते हैं। चूंकि यह पृथ्वी के धुंधले वातावरण से काफी ऊपर है, इसलिए यह ब्रह्मांड के बिल्कुल साफ और अद्भुत नजारे कैद कर पाता है। इसके द्वारा भेजे गए डेटा से वैज्ञानिक ब्रह्मांड के इतिहास की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सूरज की रोशनी में छिपा है समय यात्रा का रहस्य
समय यात्रा का असली राज रोशनी की गति में छिपा है। रोशनी करीब 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चलती है। सूरज पृथ्वी से 15 करोड़ किलोमीटर दूर है, जिसकी रोशनी हम तक 8 मिनट में पहुंचती है। यानी हम सूरज को हमेशा 8 मिनट पहले के रूप में देखते हैं। अंतरिक्ष में दूरियां प्रकाश-वर्ष में नापी जाती हैं। सूरज के बाद सबसे करीबी तारा प्रॉक्सिमा सेंटॉरी है, जो 4.2 प्रकाश-वर्ष दूर है। ब्रह्मांड की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हबल की शक्तिशाली नजर में भी यह महज एक बिंदु दिखता है।
बिग बैंग के ठीक बाद की झलक दिखाती हैं आकाशगंगाएं
जब हबल सौर मंडल से बहुत दूर की चीजों को देखता है, तो समय यात्रा और भी रोमांचक हो जाती है। वैज्ञानिकों ने जीएन-जेड-11 नाम की एक ऐसी आकाशगंगा खोजी है जिसकी रोशनी को हम तक पहुंचने में 13.4 अरब वर्ष लगे। यह हमें उस समय की झलक दिखाती है जब ब्रह्मांड बिग बैंग के महज 400 मिलियन वर्ष बाद का था। यानी तब ब्रह्मांड अपनी वर्तमान उम्र का केवल 3 प्रतिशत ही था। यह हमें समय के उस कालखंड में ले जाता है जहां पहले तारों का जन्म हो रहा था।
12.9 अरब साल पुराना तारा ‘ईयरेंडेल’ देख दुनिया दंग
हबल ने ‘ईयरेंडेल’ नाम के एक ऐसे तारे को भी देखा है जो अब तक का सबसे दूर का ज्ञात तारा है। इस तारे की रोशनी 12.9 अरब साल पुरानी है। जब यह रोशनी वहां से निकली थी, तब ब्रह्मांड अपनी वर्तमान उम्र का सिर्फ 7 प्रतिशत हिस्सा ही था। वैज्ञानिकों के लिए ये अवलोकन बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे ब्रह्मांड के शुरुआती दौर की सटीक जानकारी मिलती है। हबल हमें उस दौर तक ले जाता है जिसे देखना मानवीय कल्पना से भी परे था।
