West Bengal News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पहले चरण का मतदान सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण की वोटिंग पर टिकी हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय राज्य के तूफानी दौरे पर हैं। शुक्रवार की सुबह पीएम मोदी ने हुगली नदी के शांत और पवित्र तट पर कुछ वक्त बिताया।
गंगा बंगाल की आत्मा में बसती है: पीएम मोदी
हुगली नदी के किनारे बिताए गए पलों की तस्वीरें प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की हैं। अपनी पोस्ट में उन्होंने बंगाली समाज और गंगा के गहरे जुड़ाव का जिक्र किया है। पीएम ने लिखा कि हर बंगाली के हृदय में गंगा का स्थान अत्यंत विशेष और पवित्र है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि गंगा बंगाल की आत्मा में प्रवाहित होती है। इसका पावन जल पूरी सभ्यता की शाश्वत चेतना को निरंतर आगे बढ़ाने का काम करता है।
नाविकों और आम जनता से की आत्मीय मुलाकात
प्रधानमंत्री ने कोलकाता में सुबह की सैर के दौरान स्थानीय लोगों, व्यायाम करने वालों और हुगली के नाविकों से सीधी मुलाकात की। पीएम मोदी ने नाविकों की कड़ी मेहनत की जमकर प्रशंसा की और उनके योगदान को सराहनीय बताया। हुगली के घाट पर बिताया गया यह समय मां गंगा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करने का एक खास अवसर था। इस दौरान पीएम मोदी बिल्कुल साधारण वेशभूषा में नजर आए और लोगों का उत्साहवर्धन किया।
बंगाल की समृद्धि के लिए दोहराया अपना संकल्प
हुगली नदी के किनारे खड़े होकर प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के उज्ज्वल भविष्य और विकास के प्रति अपनी कटिबद्धता को पुनः दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार महान बंगाली समाज की सुख-समृद्धि और सर्वांगीण प्रगति के लिए पूरी तरह समर्पित है। चुनाव प्रचार की आपाधापी के बीच पीएम का यह आध्यात्मिक और सामाजिक अंदाज मतदाताओं को प्रभावित करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी यहां अपनी पूरी ताकत झोंक रही है।
दूसरे चरण के मतदान की तैयारी तेज
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का चुनाव रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों और उनके जनसंपर्क कार्यक्रमों ने चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है। हुगली नदी के तट से दिया गया उनका संदेश न केवल सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह बंगाल के लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा भी है।
