Himachal News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। हालांकि, इस बार 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आगामी चुनावों में उन्हें ‘घर से मतदान’ (Home Voting) की सुविधा नहीं मिलेगी। इन सभी मतदाताओं को अनिवार्य रूप से अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर जाकर ही वोट डालना होगा। आयोग ने संसाधनों और समय की कमी को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
निर्वाचन आयोग ने क्यों लिया यह कठिन फैसला?
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि प्रदेश में करीब 22 हजार मतदान केंद्र हैं। इतने कम समय में हर केंद्र पर पंजीकृत बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर-घर जाकर मतदान प्रक्रिया पूरी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। हालांकि, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में यह सुविधा मिलती रही है। स्थानीय निकाय चुनावों में पहली बार इसे लागू करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण इसे फिलहाल टाल दिया गया है। अब सभी को बूथ पर जाकर मताधिकार का प्रयोग करना होगा।
मतदान केंद्रों पर मिलेंगी विशेष सुविधाएं
बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर रैंप और व्हीलचेयर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला उपायुक्तों को सख्त आदेश हैं कि वे मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सहायता के लिए वालंटियर्स तैनात करें। आयोग का लक्ष्य है कि किसी भी शारीरिक अक्षमता के बावजूद मतदाता को लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लेने के दौरान कोई परेशानी न हो। मतदान प्रक्रिया आगामी 17 मई को संपन्न होगी।
शहरी निकायों और पंचायतों का चुनावी गणित
हिमाचल के 51 शहरी निकायों में कुल 3,60,859 मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें धर्मशाला, मंडी, पालमपुर और सोलन नगर निगमों के 64 वार्डों सहित नगर परिषदों और पंचायतों के वार्ड सदस्य शामिल हैं। चुनाव की तारीखों के करीब आते ही करीब 15 पंचायतों की मतदाता सूचियां अधिसूचित कर दी गई हैं। वहीं, शेष 450 पंचायतों की सूचियों को 27 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले नए पात्र मतदाता अभी भी अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
नाम दर्ज कराने के लिए मतदाताओं के पास अंतिम मौका
जिन पात्र लोगों के नाम पंचायत मतदाता सूची में नहीं हैं, उनके पास अभी भी अवसर है। पंचायत चुनाव की आधिकारिक घोषणा होने से पहले वे मात्र दो रुपये की फीस देकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए मतदाताओं को निर्धारित फॉर्म भरकर संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालय में जमा करना होगा। शहरी निकायों की सूची अब फ्रीज हो चुकी है, लेकिन पंचायतों के लिए यह प्रक्रिया फिलहाल जारी है। निर्वाचन आयोग अधिक से अधिक युवाओं और छूटे हुए लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ना चाहता है।
