Delhi News: शनिवार को दिल्ली की सियासत में उस वक्त जबरदस्त घमासान मच गया जब उपमुख्यमंत्री परवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल के लोधी रोड स्थित नए सरकारी बंगले की तस्वीरें जारी कर इसे नया ‘शीशमहल’ करार दिया। बीजेपी के इन दावों पर आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने तुरंत पलटवार करते हुए सारी तस्वीरें फर्जी बताईं और दावा किया कि ये फोटो Pinterest से डाउनलोड की गई थीं।
आतिशी ने दी सीएम और एलजी को खुली चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि परवेश वर्मा द्वारा जारी की गई सभी तस्वीरें फर्जी हैं और वे केजरीवाल के घर की नहीं हैं। उन्होंने चुनौती दी कि किसका घर कितना आलीशान है, इसकी असलियत जानने के लिए रेखा गुप्ता और एलजी साहिब अपना-अपना घर खोल दें। केजरीवाल भी अपना घर दिखाएंगे और फिर जनता खुद तय कर लेगी।
‘AI का इस्तेमाल कर लेते तो चोरी नहीं पकड़ी जाती’
आतिशी ने दूसरे पोस्ट में तंज कसते हुए कहा कि परवेश वर्मा ने पूरी मीडिया बुलाकर केजरीवाल के तथाकथित नए घर की तस्वीरें दिखाईं। मजे की बात यह है कि ये फोटो Pinterest से डाउनलोड की गई थीं। उन्होंने कहा कि क्या दिन आ गए हैं कि जब केजरीवाल के खिलाफ कुछ नहीं मिलता तो इंटरनेट से उठाई तस्वीरों के दम पर झूठे दावे किए जा रहे हैं।
‘दिल्ली का रहमान डकैत’ वाला बयान बना नया तूफान
इससे पहले परवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल को ‘दिल्ली का रहमान डकैत’ बताया था। उन्होंने कहा कि केजरीवाल 95 लोधी एस्टेट में शिफ्ट हुए हैं और उनके बंगले की तस्वीरें देखकर हम हैरान रह गए। वर्मा ने दावा किया कि सादगी की कसम खाने वाला यह शख्स आज बेहद आलीशान तरीके से जिंदगी जी रहा है और यह देखकर दिल्ली की जनता का विश्वास टूटता है।
‘सरकारी घर में लगा एक-एक पैसा प्राइवेट’
बीजेपी नेता ने सवालों की झड़ी लगाते हुए पूछा कि यह सरकारी घर जरूर है लेकिन इस पर जो पैसा खर्च हुआ है, वह सरकारी नहीं बल्कि पूरी तरह प्राइवेट है। उन्होंने केजरीवाल से जवाब मांगा कि इस नए ‘शीशमहल’ में कितनी रकम झोंकी गई और वह पैसा आया कहां से। वर्मा ने यह भी जानना चाहा कि किन-किन कंपनियों ने इस आलीशान आवास में योगदान दिया।
फर्जी तस्वीरों के दावे ने बदला पूरा खेल
आतिशी के पलटवार ने बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की धार पूरी तरह बदल दी। जहां परवेश वर्मा ने तस्वीरें दिखाकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, वहीं आतिशी के Pinterest वाले खुलासे ने पूरे मामले को एक नए विवाद में बदल दिया। उन्होंने कटाक्ष किया कि परवेश वर्मा जी, इससे बेहतर तो आप AI का इस्तेमाल कर लेते, कम से कम तब चोरी इतनी जल्दी तो नहीं पकड़ी जाती।
