Himachal News: पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से अब हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में नशे का खतरनाक जाल फैल रहा है। तस्कर अब मासूम बच्चों का इस्तेमाल कूरियर के रूप में कर रहे हैं। कांगड़ा जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एचआरटीसी बस में सवार एक नाबालिग को पकड़ा है। इस नाबालिग के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में चिट्टा बरामद किया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
तस्करों ने बदला तरीका, अब नाबालिगों का इस्तेमाल
नशे के काले कारोबार से जुड़े अपराधी अब पुलिस से बचने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं। पहले तस्कर कॉलेज के छात्रों को लालच देकर इस काम में लगाते थे। अब उन्होंने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए नाबालिग बच्चों को कूरियर बॉय बना दिया है। इन मासूमों को बसों में बिठाकर पंजाब से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में घातक सिंथेटिक ड्रग चिट्टा पहुंचाया जा रहा है।
पठानकोट-मंडी हाईवे पर एचआरटीसी बस में चेकिंग
यह सनसनीखेज मामला पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामने आया है। वीरवार रात बनोई के पास पुलिस नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान अमृतसर से बैजनाथ जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस को रोका गया। पुलिस ने जब शक के आधार पर बस में बैठे एक नाबालिग की तलाशी ली तो उसके बैग से भारी मात्रा में 130.48 ग्राम चिट्टा मिला। पुलिस ने तुरंत नाबालिग को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में सगे जीजा का नाम आया सामने
पुलिस की पूछताछ में हिरासत में लिए गए नाबालिग ने कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। नाबालिग ने बताया कि यह बैग उसे उसके सगे जीजा ने अमृतसर में दिया था। जीजा ने उसे बस में बैठाकर कहा था कि वह हिमाचल पहुंचकर यह बैग वापस ले लेगा। नाबालिग का दावा है कि उसे बैग के अंदर रखे सामान की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। यह बयान पुलिस के लिए काफी अहम है।
तीसरी बार ड्रग्स लाते हुए पकड़ा गया बच्चा
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह नाबालिग पहले भी दो बार इसी तरीके से पंजाब से हिमाचल नशा ला चुका है। पिछली दो बार वह पुलिस की चेकिंग से बच निकलने में कामयाब रहा था। कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है। अब पुलिस नाबालिग के जीजा की तलाश कर रही है ताकि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नशा सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो सके।


