Himachal News: हिमाचल प्रदेश पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। पुलिस ने शुक्रवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों से 19 आदतन तस्करों को हिरासत में लिया। ये सभी अपराधी चिट्टा और हेरोइन जैसी खतरनाक नशीली दवाओं की तस्करी में लंबे समय से सक्रिय थे। यह कार्रवाई प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
विभिन्न जिलों में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
पुलिस विभाग ने इस व्यापक धरपकड़ अभियान के तहत राज्य के कई जिलों में एक साथ दबिश दी। हिरासत में लिए गए 19 लोगों में से सबसे ज्यादा 4 गिरफ्तारियां शिमला में हुईं। इसके अलावा बद्दी से 3, जबकि कांगड़ा, बिलासपुर, सोलन और किन्नौर से 2-2 तस्कर पकड़े गए। सिरमौर और नूरपुर से भी 1-1 अपराधी को दबोचा गया है। पुलिस ने इन सभी आरोपियों की कुंडली खंगाल ली है। ये अपराधी समाज और खासकर युवाओं के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे।
बार-बार अपराध करने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा
राज्य पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोग आदतन अपराधी हैं। ये लोग बार-बार कानून तोड़कर नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल रहे हैं। प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि जिन अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड संदिग्ध है, उनके खिलाफ अब और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग इन तस्करों के पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की योजना पर काम कर रहा है। सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का अभियान और जनता से अपील
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस नशा विरोधी अभियान में जनता की भागीदारी पर जोर दिया है। सरकार विशेष रूप से युवाओं को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक कर रही है। प्रवक्ता ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 112 पर साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस और जनता का यह साझा प्रयास हिमाचल प्रदेश में ड्रग्स के कारोबार को जड़ से खत्म करेगा।


