UP में स्मार्ट प्रीपेड मीटर बंद, योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब फिर आएगा पुराना बिजली बिल, ऐसे भरें बकाया

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। जनता के भारी विरोध और तकनीकी खामियों की शिकायतों के बाद, अब सभी स्मार्ट मीटरों को दोबारा पोस्टपेड मोड पर शिफ्ट करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे करोड़ों उपभोक्ताओं को रिचार्ज के झंझट से मुक्ति मिलेगी।

जनता के आक्रोश के आगे झुका बिजली विभाग

पिछले कई महीनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के खिलाफ तीव्र प्रदर्शन हो रहे थे। उपभोक्ताओं का आरोप था कि प्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद बिजली का बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है और बैलेंस खत्म होते ही बिना सूचना बिजली कट जाती है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था। बढ़ते दबाव और जमीनी फीडबैक के आधार पर शासन ने पुरानी व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया है।

जून से शुरू होगी पोस्टपेड बिलिंग प्रक्रिया

UPPCL के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत प्रदेश भर में लगाए गए सभी प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड मोड में काम करेंगे। मई 2026 के दौरान जितनी भी बिजली की खपत होगी, उसका बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा। उपभोक्ताओं को अब हर महीने पहले की तरह बिजली इस्तेमाल करने के बाद भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। इस तकनीकी बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए विभागीय स्तर पर सॉफ्टवेयर अपडेट करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।

बकाया बिलों के भुगतान के लिए आसान किस्तों का ऐलान

सरकार ने न केवल मीटर व्यवस्था बदली है, बल्कि भारी-भरकम बकाया बिलों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत का पिटारा भी खोल दिया है। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता अब 30 अप्रैल 2026 तक का अपना बकाया बिल 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे। अन्य व्यावसायिक या औद्योगिक श्रेणियों के लिए तीन किस्तों की सुविधा दी गई है। इसमें बकाया राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा पहली किस्त के रूप में देना होगा, जबकि शेष राशि दो किस्तों में जमा की जा सकेगी।

व्हाट्सऐप और एसएमएस पर मिलेगा डिजिटल बिल

पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अब उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सऐप के जरिए बिजली बिल भेजे जाएंगे। यूपीपीसीएल ने सभी बिजली वितरण निगमों के लिए समर्पित व्हाट्सऐप चैटबॉट नंबर भी सार्वजनिक किए हैं। उपभोक्ता अपने क्षेत्र के संबंधित नंबर पर ‘Hi’ या अपना ‘Account Number’ भेजकर घर बैठे अपना बिल प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम बिलिंग वितरण में होने वाली देरी और गड़बड़ियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

समय पर भुगतान न करने पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क

नई व्यवस्था के तहत बिलिंग चक्र को बेहद सख्त और व्यवस्थित बनाया गया है। बिल जारी होने की तारीख से उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 15 दिनों का समय (Due Date) दिया जाएगा। यदि देय तिथि के सात दिनों के भीतर बिल जमा नहीं होता है, तो बिजली काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा, तय समय सीमा के बाद भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं पर लेट पेमेंट सरचार्ज या अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जाएगा, ताकि समय पर राजस्व की वसूली सुनिश्चित हो सके।

शिकायत निवारण के लिए लगेंगे विशेष समाधान कैंप

स्मार्ट मीटर से जुड़ी बिलिंग विसंगतियों और तकनीकी शिकायतों के निपटारे के लिए सरकार ने विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। 15 मई से 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में उपभोक्ता सीधे जाकर अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 भी 24 घंटे सक्रिय रहेगी, जहां किसी भी गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

Hot this week

Related News

Popular Categories