टिहरी झील बनेगा ग्लोबल डेस्टिनेशन: धामी सरकार का बड़ा मास्टर प्लान, रिंग रोड और सी-प्लेन से बदलेगी सूरत

Uttarakhand News: उत्तराखंड की धामी सरकार ने टिहरी झील क्षेत्र को विश्व स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान टिहरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ योजना के तहत विकसित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य टिहरी झील और इसके आसपास के क्षेत्रों को एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में परिवर्तित करना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।

रिंग रोड और प्राकृतिक सौंदर्य का होगा संरक्षण

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने टिहरी झील रिंग रोड के निर्माण के साथ-साथ एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस योजना के अंतर्गत आइकोनिक ब्रिज, हरे-भरे पैदल मार्ग, ईको पार्क और प्राकृतिक व्यू प्वाइंट्स बनाए जाएंगे। टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (TADA) को डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पूरे क्षेत्र की देखरेख और विकास को सुनिश्चित करेगा।

सी-प्लेन और वाटरपोर्ट से मिलेगी नई पहचान

परियोजना की सबसे खास बात टिहरी झील में वाटरड्रोम और वाटरपोर्ट का विकास है। सरकार की योजना यहां सी-प्लेन का संचालन शुरू करने की है, जिसके लिए विशेष डिजाइन वाले आइकोनिक पुल तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही, डोबरा-चांटी पुल के समीप स्थित हेलीपैड को अब एक अत्याधुनिक हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सुविधाओं के शुरू होने से न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म और वेलनेस सेंटर के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने टिहरी तक पहुंचने वाले मार्गों के चौड़ीकरण और सड़कों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य टिहरी की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यावरण के मानकों के अनुरूप ही होने चाहिए। बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन सचिन कुर्वे और सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को नए पर्यटन मार्गों की संभावनाएं तलाशने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

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