हिमाचल में सेब खरीद प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल, सुक्खू सरकार का बागवानों को सीधा लाभ देने का मास्टरप्लान

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेब सीजन के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उन्होंने आगामी सेब खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले सीजन से खरीद के हर चरण और संबंधित डाटा का डिजिटलीकरण होगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य खरीद प्रणाली में पारदर्शिता लाना और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना है। सरकार चाहती है कि मेहनत करने वाले बागवानों को उनके उत्पाद का सीधा और त्वरित आर्थिक लाभ मिले।

एचपीएमसी संभालेगा खरीद का पूरा जिम्मा

हाल ही में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) की समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इस बार मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब खरीद का पूरा जिम्मा केवल एचपीएमसी के पास रहेगा। इससे पहले इस प्रक्रिया में हिमफेड भी शामिल होता था। मुख्यमंत्री ने निगम को निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों की सूचना समय रहते सार्वजनिक की जाए। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सीजन शुरू होने से पहले दुरुस्त करने के कड़े आदेश दिए गए हैं।

छोटे और सीमांत बागवानों के हितों पर फोकस

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि छोटे और सीमांत बागवानों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को उनके फल का अधिकतम बाजार मूल्य मिले। खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि खरीद केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम होने से बागवानों को अपने उत्पाद बेचने में सुगमता होगी।

पिछले साल के रिकॉर्ड ने बढ़ाया सरकार का उत्साह

वर्ष 2025 का सेब सीजन एचपीएमसी के लिए ऐतिहासिक रहा है। निगम ने एमआईएस के तहत रिकॉर्ड 98,540 हजार टन सेब की खरीद की थी। यह आंकड़ा निगम की कार्यक्षमता और बागवानों के भरोसे को दर्शाता है। इसी सफलता को देखते हुए सरकार अब पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ले जा रही है। डिजिटल डाटा प्रबंधन से न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे, बल्कि भुगतान की प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाएगी। इससे भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक डाटा भी उपलब्ध होगा।

यूनिवर्सल कार्टन और बकाया भुगतान पर बड़ी राहत

सरकार द्वारा लागू की गई यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली से बागवानों को पहले ही बेहतर दाम मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमआईएस के तहत लंबित भुगतान के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि जारी की जा चुकी है। यह कदम बागवानों के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूनिवर्सल कार्टन से पैकेजिंग में एकरूपता आई है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से आने वाले समय में हिमाचल का सेब उद्योग और अधिक समृद्ध होगा।

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