चंडीगढ़ में बदले नियम: किरायानामा और जमीन रिकॉर्ड समेत 5 नए कानून लागू, आम जनता पर होगा सीधा असर

Chandigarh News: पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ में प्रशासन ने शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पांच महत्वपूर्ण कानून लागू कर दिए हैं। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ये नए नियम 6 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। इन बदलावों का सीधा असर शहर के किरायेदारों, मकान मालिकों, संपत्ति खरीदारों और इमिग्रेशन कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। प्रशासन ने पंजाब, हरियाणा और असम के कानूनों को अपनाकर पुरानी व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किया है।

किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए नया रेंट एक्ट

चंडीगढ़ में अब दशकों पुराना ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 समाप्त हो गया है। इसके स्थान पर असम टेनेंसी एक्ट-2021 को लागू किया गया है। अब मकान मालिकों के लिए किरायेदारों के साथ लिखित रेंट एग्रीमेंट करना अनिवार्य होगा। इसे प्रशासन के पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा, जो अगले एक महीने में शुरू हो जाएगा। नए कानून के तहत रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल का गठन होगा। अब किराये से जुड़े विवादों का निपटारा जिला स्तर के जज महज 60 दिनों के भीतर करेंगे।

फर्जी ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन धोखाधड़ी पर नकेल

मानव तस्करी और कबूतरबाजी की बढ़ती शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट को चंडीगढ़ में लागू कर दिया गया है। अब बिना वैध रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के कोई भी इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंट काम नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन से सात साल तक की कैद और संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है। सभी कंपनियों के लिए अपने स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना भी अब कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रॉपर्टी खरीद में स्टांप चोरी पर लगेगा भारी जुर्माना

संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता लाने के लिए पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम लागू किया गया है। अब प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के दौरान यदि कोई व्यक्ति वास्तविक कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी चुकाता है, तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। पकड़े जाने पर संपत्ति की वास्तविक वैल्यू का तीन प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना भरना होगा। प्रशासन का उद्देश्य अंडर वैल्यूएशन के जरिए होने वाली राजस्व की हानि को रोकना है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में जवाबदेही तय होगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

ग्रामीण जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड और फायर सेफ्टी नियम

गांवों में जमीन संबंधी विवादों को खत्म करने के लिए पंजाब आबादी देह अधिनियम-2021 लागू किया गया है। अब जमीनों का रिकॉर्ड खसरा नंबर के बजाय मालिकों के नाम से डिजिटल रूप में तैयार होगा। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा मानकों को बेहतर करने के लिए हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 अपनाया गया है। अब फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता पांच साल होगी। आधुनिक अग्निशमन उपकरण होने पर ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलेगा। ये सभी कदम चंडीगढ़ को एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में उठाए गए हैं।

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