Delhi News: पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में कारोबारी पंकज नय्यर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने पांचवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए युवक की पहचान आरुष उर्फ आशु के रूप में हुई है। उसकी उम्र महज अठारह साल बताई जा रही है। वह हत्या के मुख्य आरोपी गौरव शर्मा का दूसरा सौतेला बेटा है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले की गुत्थी पूरी तरह सुलझाने का दावा किया है।
भाई को बचाने आए पंकज को मारी गोली
मृतक पंकज नय्यर अपने परिवार के साथ नोएडा में रहते थे और कपड़े का कारोबार करते थे। उनके बड़े भाई पारस नय्यर प्रीत विहार इलाके में रहते हैं। पारस का अपने पड़ोसी गौरव शर्मा से अक्सर कार पार्किंग को लेकर झगड़ा होता रहता था। घटना वाले दिन विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि पारस ने मदद के लिए अपने भाई पंकज को फोन कर लिया। भाई की सूचना मिलते ही पंकज तुरंत नोएडा से प्रीत विहार पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उन्हें गोली मार दी।
बारह दिन पुरानी रंजिश का निकला बदला
पुलिस की शुरुआती जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह विवाद अचानक नहीं बल्कि करीब बारह दिन पहले शुरू हुई रंजिश का नतीजा था। आरोपी गौरव शर्मा ने कुछ समय पहले ही पारस नय्यर को देख लेने की धमकी दी थी। इसी डर और गुस्से के चलते विवाद बढ़ने पर पारस ने अपने भाई को बुला लिया। आरोपी गौरव ने मौके का फायदा उठाते हुए अपने दो सौतेले बेटों और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हमला बोल दिया। उन्होंने पंकज को गोली मारी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
तीन कारों का शौक बना झगड़े की जड़
स्थानीय निवासियों के मुताबिक आरोपी गौरव शर्मा करीब चार महीने पहले ही यहां किराए पर रहने आया था। वह अपने पैसे और तीन लग्जरी कारों का रौब झाड़ता था। फ्लैट के साथ उसे केवल एक ही पार्किंग स्थल आवंटित थी। लेकिन उसके पास तीन गाड़ियां होने के कारण वह अक्सर दूसरों की जगह पर कब्जा कर लेता था। इसी बात को लेकर उसका पड़ोसी पारस नय्यर से रोजाना झगड़ा होता था। इस छोटी सी बात ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि एक परिवार उजड़ गया।
गौरव ने अपनों को बनाया हत्या का औजार
मुख्य आरोपी गौरव शर्मा ने इस जघन्य अपराध में अपने ही परिवार के सदस्यों को शामिल किया। पुलिस पहले ही गौरव और उसके एक सौतेले बेटे समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पांचवें आरोपी आरुष की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया कि पूरा परिवार इस साजिश में शामिल था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गौरव ने अपने दोनों सौतेले बेटों को आगे करके वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा उसने दो बाहरी दोस्तों को भी मदद के लिए बुलाया था। सभी ने मिलकर निहत्थे पंकज पर हमला किया।
फरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। फरेंसिक टीम ने वारदात स्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। पुलिस को घटनास्थल से खाली कारतूस के खोल और खून के नमूने मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। पूछताछ में आरुष ने बताया कि उसके पिता गौरव ने ही पूरी प्लानिंग की थी। पुलिस अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किया जा सके।
इलाके में फैली दहशत, पुलिस तैनात
प्रीत विहार की इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग जैसी मामूली बात पर हत्या हो जाना बेहद चिंताजनक है। घटना के बाद से सोसाइटी में तनाव का माहौल बना हुआ है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली है। मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया है।
