Islamabad News: अमेरिका और ईरान के बीच अहम युद्धविराम वार्ता के लिए मंच सज चुका है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एयरपोर्ट पर उनका खास स्वागत किया। उनके साथ विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जारेड कुशनर भी मौजूद हैं। ईरान का प्रतिनिधिमंडल एक दिन पहले ही पाकिस्तान आ चुका है। दुनिया की नजरें अब इस खास शांति वार्ता पर टिकी हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं कई बड़े चेहरे
ईरान का दल इस बातचीत के लिए काफी गंभीर है। ईरानी दल में देश के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मुख्य रूप से शामिल हैं। सुप्रीम नेशनल डिफेंस काउंसिल के सचिव अली अकबर अहमदियन भी बैठक का हिस्सा बनेंगे। सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेमती और संसद के कई सदस्य दल में मौजूद हैं। संसद स्पीकर गालिबाफ वार्ता में ईरान का मुख्य पक्ष रखेंगे। यह दल शुक्रवार को ही पूरी तैयारी के साथ इस्लामाबाद पहुंच गया था।
ट्रंप ने रोके हमले, लेबनान युद्धविराम की उठी मांग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमलों को रोकने का एलान किया है। उन्होंने ईरान के खिलाफ कार्रवाई पर दो सप्ताह की रोक लगाई है। यह फैसला संघर्ष में अमेरिका के शामिल होने के चालीस दिन बाद आया है। इसके जवाब में ईरानी स्पीकर गालिबाफ ने अपनी कड़ी शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने साफ कहा है कि लेबनान में तत्काल युद्धविराम लागू होना चाहिए। इसके अलावा ईरान की रुकी संपत्तियों को भी आजाद करना होगा।
ईरान को अमेरिका पर नहीं है पूरा भरोसा
ईरान ने अमेरिका के शांति प्रयासों पर गहरा अविश्वास जताया है। स्पीकर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के साथ उनके पुराने अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने वार्ता के दौरान भी ईरान पर कई हमले किए थे। गालिबाफ के अनुसार ईरान बातचीत में सद्भावना दिखा रहा है लेकिन उन्हें अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है। अगर अमेरिका ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करेगा तभी समझौता मुमकिन होगा। ईरान अपनी रक्षा के लिए तैयार है।
इजरायल के हमलों और ट्रंप के प्रयासों पर नजर
ईरान ने दस सूत्रीय शांति प्रस्ताव सामने रखा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे बातचीत के लिए अच्छा आधार बताया है। इस प्रस्ताव में सभी मोर्चों पर आक्रामक कार्रवाई रोकने की शर्त है। हालांकि ट्रंप के एलान के बाद इजरायल ने लेबनान पर हमले तेज किए हैं। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की जान गई है। वार्ता सफल करने के लिए ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री से बात की है।

