World News: मध्य पूर्व के तनाव के बीच एक बहुत बड़ी खबर आई है। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में सीजफायर वार्ता चल रही है। इस अहम वार्ता में अमेरिका ने ईरान की बड़ी मांग को ठुकरा दिया है। ईरान चाहता था कि कतर में जमा उसकी संपत्ति को तुरंत अनफ्रीज किया जाए। वाइट हाउस ने संपत्ति वापस करने की खबरों को बिल्कुल गलत बताया है। इस फैसले से मध्य पूर्व में शांति के प्रयासों को भारी झटका लगा है। अब वार्ता पर खतरा मंडरा रहा है।
ईरान की बड़ी मांग हुई खारिज
वाइट हाउस ने एक अहम बयान जारी किया है। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने सभी झूठी खबरों का कड़ा खंडन किया है। कुछ रिपोर्ट में दावा था कि अमेरिका ने ईरान की संपत्ति लौटाने की बात मान ली है। अधिकारी ने इस दावे को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बातचीत का दौर अभी शुरू हुआ है। संपत्ति वापस करने का कोई भी फैसला फिलहाल नहीं लिया गया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और सीजफायर की शर्तें
ईरान ने मांगों का नया प्रस्ताव अमेरिका के सामने रखा था। ईरान की शर्त थी कि उसकी रुकी संपत्ति तुरंत अनफ्रीज होनी चाहिए। इसके बदले में वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित व्यापार की गारंटी देगा। ईरान ने लेबनान में भी सीजफायर लागू करने की बड़ी मांग रखी है। अमेरिका ने इस प्रस्ताव को मौजूदा ढांचे से पूरी तरह अलग बताया है। दोनों देशों के बीच शर्तों को लेकर गहरा मतभेद बन गया है।
मध्य पूर्व में शांति वार्ता पर भारी संकट
अमेरिका और ईरान के बीच यह सीजफायर वार्ता बहुत महत्वपूर्ण है। अगर यह वार्ता सफल नहीं होती है तो युद्ध और अधिक भड़क सकता है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि विफलता का दोष इजरायल पर न डाला जाए। ईरान का मानना है कि इजरायल अमेरिका की मर्जी से ही युद्ध कर रहा है। संपत्ति की मांग खारिज होने से इस शांति वार्ता पर भारी संकट छा गया है।

