Pakistan News: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक चली लंबी वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका पर अनुचित और अतार्किक मांगें रखने का आरोप लगाया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की कि उनकी टीम बिना किसी समझौते के वापस लौट रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य, परमाणु अधिकार, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध क्षतिपूर्ति जैसे मुद्दे सबसे बड़े विवाद रहे।
ईरान का आरोप- ‘अमेरिकी मांगों ने रोकी प्रगति, वे युद्ध से नहीं जीत पाए वह वार्ता से चाहते थे’
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए 21 घंटे गहन बातचीत की। तेहरान की कई पहलों के बावजूद, वाशिंगटन की अतार्किक मांगों ने किसी भी प्रगति को रोक दिया। एक सूत्र ने फार्स समाचार एजेंसी को बताया कि अमेरिकी टीम वार्ता में वह हासिल करना चाहती थी जो वे युद्ध से हासिल नहीं कर सके। तेहरान ने इन शर्तों को महत्वाकांक्षी बताते हुए खारिज कर दिया। प्रेस टीवी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, परमाणु अधिकार, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध से जुड़े मुद्दे सबसे बड़े विवादास्पद मुद्दे रहे।
बाकायेई ने एक्स पर किया पोस्ट, बताया किन मुद्दों पर हुई चर्चा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकायेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। उन्होंने लिखा, “पिछले 24 घंटों में बातचीत के मुख्य विषयों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।” इनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, परमाणु मुद्दा, युद्ध की क्षतिपूर्ति, प्रतिबंध हटाना, और ईरान तथा इस क्षेत्र के खिलाफ युद्ध की पूर्ण समाप्ति शामिल है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच कई संदेशों और टेक्स्ट का आदान-प्रदान हुआ। बावजूद इसके, कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। ईरान ने अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा- ‘बिना समझौते लौट रहे हैं, कुछ मुद्दों पर प्रगति जरूर हुई’
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी टीम बिना किसी समझौते के वापस लौट रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन पाई। वेंस अपनी टीम के साथ इस्लामाबाद से वापस अमेरिका रवाना हो गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की, लेकिन कहा कि ईरान की शर्तें अमेरिका के लिए अस्वीकार्य थीं। वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव रखा, लेकिन ईरान ने उसे मानने से इनकार कर दिया। फिलहाल भविष्य में वार्ता को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
होर्मुज और परमाणु कार्यक्रम पर अड़े दोनों पक्ष, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
वार्ता विफल होने के बाद अब क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण और अमेरिका की सैन्य उपस्थिति टकराव का बड़ा मुद्दा बनी हुई है। ईरान परमाणु हथियारों के अपने अधिकार पर अड़ा है, जबकि अमेरिका पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण चाहता है। प्रतिबंधों को हटाने की शर्तों पर भी कोई सहमति नहीं बन सकी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि, दोनों पक्षों ने कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की बात कही है, लेकिन अगले दौर की वार्ता की कोई तारीख तय नहीं हुई है।

