World News: मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और भारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से अपना कर्ज वापस मांगा है। यूएई ने पाकिस्तान को अर्थव्यवस्था सुधारने और भुगतान संतुलन के लिए यह कर्ज दिया था। अब यूएई ने पाकिस्तान से 2 अरब डॉलर की तत्काल मांग की है। यूएई के दबाव के बाद पाकिस्तान ने इस महीने के अंत तक यह सारा कर्ज लौटाने का फैसला किया है।
स्टेट बैंक में जमा है यूएई का पैसा
यूएई ने पाकिस्तान के स्टेट बैंक (SBP) में 2 अरब डॉलर सुरक्षित जमा के तौर पर रखे थे। पाकिस्तान इस पूरी रकम पर करीब छह प्रतिशत का ब्याज दे रहा था। पहले यूएई हर साल इस कर्ज की मियाद को आगे बढ़ा देता था। बीते दिसंबर महीने में यूएई ने इसे कुछ महीनों के लिए बढ़ाया था। इस कर्ज की समयसीमा 17 अप्रैल तक तय की गई थी। अब युद्ध के मौजूदा हालात को देखते हुए यूएई ने अपना पैसा तुरंत वापस मांगा है।
पाकिस्तान की वर्तमान आर्थिक स्थिति
पाकिस्तान को चालू वित्त वर्ष में 12 अरब डॉलर के विदेशी रोलओवर की सख्त जरूरत थी। इसमें सऊदी अरब से 5 अरब, चीन से 4 अरब और यूएई से 3 अरब डॉलर शामिल हैं। अभी पाकिस्तान के पास 21 अरब डॉलर से ज्यादा का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है। इस कारण पाकिस्तान वर्तमान में यूएई का कर्ज चुकाने में पूरी तरह से सक्षम है। हालांकि, आने वाले महीनों में पाकिस्तान को फिर से विदेशी आर्थिक मदद की जरूरत पड़ेगी।
मध्य पूर्व में जारी तनाव का बड़ा असर
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के बीच बड़ा संघर्ष जारी है। इस युद्ध का असर सीधे तौर पर खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। युद्ध के कारण सऊदी अरब और यूएई जैसे बड़े देशों से तेल और गैस की सप्लाई काफी प्रभावित हुई है। इन्हीं बिगड़े हालातों के बीच यूएई ने कर्ज वसूली की प्रक्रिया शुरू की है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, मध्य पूर्व की खराब स्थिति को देखते हुए यूएई ने यह कड़ा कदम उठाया है।

