World News: संयुक्त राष्ट्र ने ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट’ जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में दुनिया के सबसे दुखी देशों की जानकारी दी गई है। इसमें कुल 146 देशों को शामिल किया गया है। भारत का पड़ोसी देश अफगानिस्तान इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। यह रिपोर्ट शिक्षा, रोजगार, घरेलू उत्पादन और अपराध जैसे मानकों पर बनती है। अफगानिस्तान इन सभी मोर्चों पर बुरी तरह विफल रहा है।
अफगानिस्तान में महिलाओं की आजादी छिनी
अफगानिस्तान के लोग भारी आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। तालिबान के शासन में वहां महिलाओं को कोई आजादी नहीं है। देश में शिक्षा और रोजगार के मौके पूरी तरह खत्म हो गए हैं। आम जनता भयानक मानसिक तनाव में जी रही है। अधिकांश आबादी के पास बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।
सिएरा लियोन और मलावी में भुखमरी
इस लिस्ट में अफ्रीकी देश सिएरा लियोन दूसरे नंबर पर है। तीसरे स्थान पर मलावी का नाम है। इन दोनों देशों में भयंकर गरीबी है। लोगों को दो वक्त की रोटी भी आसानी से नहीं मिल पाती है। मलावी में राजनीतिक माहौल काफी खराब है। इस वजह से वहां अपराध चरम पर पहुंच गया है। युवाओं ने बेहतर भविष्य की उम्मीद बिल्कुल छोड़ दी है।
जिम्बाब्वे में महंगाई ने तोड़ी कमर
सबसे दुखी देशों की सूची में जिम्बाब्वे चौथे पायदान पर है। जिम्बाब्वे में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। यहां महंगाई आसमान छू रही है। भयंकर गरीबी ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इन्हीं गंभीर परेशानियों के कारण जिम्बाब्वे को दुनिया के सबसे दुखी देशों की लिस्ट में रखा गया है।

