International News: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बहुत बढ़ा दी है। यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस गंभीर मुद्दे पर फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं ने ईरान की हरकतों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सीधा और बड़ा खतरा बताया है। अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित करने के लिए 35 देशों का एक अहम शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।
ईरान की हरकतों से आर्थिक स्थिरता को बड़ा खतरा
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बातचीत की अहम जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ उनकी बहुत अच्छी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व और होर्मुज जलडमरूमध्य के नाजुक हालात पर बात की। उर्सुला ने स्पष्ट कहा कि ईरान के कदम दुनिया की आर्थिक स्थिरता को खतरे में डाल रहे हैं। यूरोपीय यूनियन अपने साझेदारों के साथ मिलकर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जल्द शुरू करवाएगा। इसके अलावा दोनों नेताओं ने आगामी ईयू-यूके समिट पर भी चर्चा की है।
35 देशों के साथ मिलकर ब्रिटेन करेगा अहम बैठक
ब्रिटेन होर्मुज जलडमरूमध्य संकट को सुलझाने के लिए एक बड़ी वर्चुअल बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में 35 देशों के प्रतिनिधि एक मंच पर इकट्ठा होंगे। ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर इस अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इस जलमार्ग को फिर से खोलने और व्यापार को सुरक्षित बनाने के लिए कूटनीतिक विकल्पों पर विचार होगा। एक ब्रिटिश अधिकारी ने बताया कि इस पहल में अमेरिका और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के देशों को भी साथ लाया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों को दी सख्त नसीहत
यह पूरी कूटनीतिक कवायद ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका के तेवर बहुत सख्त हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगी देशों की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि सहयोगी देश अपने लिए खुद लड़ना सीखना शुरू करें। बुधवार शाम को देश के नाम अपने 20 मिनट के संबोधन में ट्रंप ने इस मुद्दे पर बेबाकी से बात की। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की निर्भरता को बहुत कम आंका और इसके बंद होने के असर को भी नकार दिया।
सैन्य अधिकारी भी बनाएंगे सुरक्षा की मजबूत रणनीति
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना को भी अलर्ट रखा है। उन्होंने बताया कि इस आगामी शिखर सम्मेलन में मिलिट्री प्लानर्स को भी बुलाया जाएगा। सैन्य अधिकारी यह तय करेंगे कि संघर्ष खत्म होने के बाद जलमार्ग को कैसे सुरक्षित और आसान बनाया जाए। हालांकि, प्रधानमंत्री स्टार्मर ने आगाह किया है कि यह पूरी प्रक्रिया इतनी आसान नहीं होने वाली है। दुनिया के देशों को मिलकर एक ठोस रास्ता निकालना ही होगा।

