Tehran News: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे भयंकर युद्ध में एक बहुत बड़ी घटना घटी है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान में एक बड़ा हवाई हमला किया है। यह हमला सीधे तौर पर ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार कमाल खराजी के घर पर हुआ है। इस जानलेवा हमले में 81 वर्षीय कमाल खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, इस हमले में उनकी पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। ईरानी मीडिया ने गुरुवार को इस बड़े हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
कौन हैं कमाल खराजी जिन पर हुआ सीधा हमला?
कमाल खराजी ईरान की विदेश नीति के सबसे मजबूत और अनुभवी चेहरे माने जाते हैं। वे 1997 से 2005 तक ईरान के विदेश मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत की जिम्मेदारी भी निभाई है। वर्तमान में वे विदेशी मामलों की रणनीतिक परिषद के चेयरमैन हैं। कमाल खराजी ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के मुख्य सलाहकार हैं। वे दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के भी बेहद करीबी रहे हैं। कूटनीति और परमाणु मुद्दों पर उनकी राय पूरे ईरान की आवाज मानी जाती है।
हमले में पत्नी की मौत और परिवार का हाल
कमाल खराजी का परिवार हमेशा मीडिया की चमक-दमक से दूर रहा है। इसलिए उनकी पत्नी का नाम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। बुधवार रात हुए इस हवाई हमले में उनकी पत्नी की मौके पर ही जान चली गई। कमाल खराजी बुरी तरह घायल हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके परिवार में दो बच्चे हैं। उनके भतीजे सादेघ खराजी पेरिस में ईरान के राजदूत हैं। सादेघ ने कई कूटनीतिक समझौते कराने में अहम भूमिका निभाई है।
तेहरान समेत कई शहरों पर मिसाइलों की बारिश
बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात ईरान के कई इलाकों में आसमान से मौत बरसी। अमेरिका और इजरायल ने तेहरान, इस्फहान, शिराज और दक्षिणी ईरान में भारी बमबारी की। इसी बमबारी का निशाना कमाल खराजी का घर बना। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 1920 में बने पास्चर इंस्टीट्यूट पर भी हमला हुआ है। यह हमला फरवरी 2026 से चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का एक बड़ा हिस्सा है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इजरायल को झुकने पर मजबूर कर देगी।
कूटनीतिक कमर तोड़ने की बड़ी साजिश
रक्षा और कूटनीति के जानकारों का मानना है कि यह हमला कोई साधारण घटना नहीं है। कमाल खराजी जैसे बड़े नेता को निशाना बनाने का मतलब ईरानी नेतृत्व पर सीधा और भारी दबाव डालना है। माना जा रहा है कि खराजी पाकिस्तान के साथ सीजफायर की गुप्त बातचीत में शामिल थे। इस हमले को ईरान की कूटनीतिक ताकत खत्म करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। 81 वर्षीय खराजी पर हमले ने पूरे ईरान में भारी गुस्सा भर दिया है। अब इस युद्ध के और ज्यादा भड़कने की पूरी आशंका है।
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