Indonesia News: दुनिया में चल रही उथल-पुथल के बीच अब कुदरत का बड़ा कहर सामने आया है। इंडोनेशिया में गुरुवार सुबह एक बहुत ही भयंकर भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है। इस जोरदार झटके के बाद समंदर में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। इससे इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपींस में दहशत का माहौल बन गया है। लाखों लोग इस वक्त भारी खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।
टर्नेट शहर के पास था भूकंप का केंद्र
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने इस बड़े भूकंप की पुष्टि की है। यह भूकंप उत्तरी मोलुका सागर में टर्नेट तट के पास आया। भूकंप जमीन के नीचे महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। गहराई कम होने के कारण तबाही का खतरा काफी बढ़ जाता है। भूकंप का केंद्र टर्नेट शहर से लगभग 120 किलोमीटर दूर था। इस शहर की आबादी दो लाख से भी अधिक है। इन सभी लोगों की जान पर अभी एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
समुद्र में उठ सकती हैं विनाशकारी लहरें
इस तेज झटके के बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने अलर्ट जारी किया है। भूकंप के केंद्र से 1000 किलोमीटर के दायरे में अब सबसे बड़ा खतरा है। इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी है। यहां समुद्र में बेहद खतरनाक और ऊंची लहरें उठने की आशंका है। सुनामी का मतलब ही अचानक और विनाशकारी लहरों का आना होता है। ये लहरें तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने की पूरी ताकत रखती हैं।
अलर्ट पर प्रशासन और लोगों से खास अपील
राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिर भी एहतियात के तौर पर तीनों देशों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों से दूर रहने की अपील की है। अगर समुद्र का पानी पीछे हटता दिखे, तो तुरंत ऊंचाई वाले स्थानों पर जाएं। एहतियात के तौर पर स्कूल और दफ्तरों में भी भारी सावधानी बरती जा रही है।
आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह मुस्तैद
इंडोनेशिया का यह इलाका भूकंप और सुनामी के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां पहले भी कई बड़े और विनाशकारी हादसे हो चुके हैं। साल 2004 की भयंकर सुनामी का खौफनाक मंजर आज भी लोगों को डराता है। यही वजह है कि सरकार ने इस बार तुरंत प्रभाव से अलर्ट जारी किया है। नौसेना और आपदा प्रबंधन की टीमें हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। वैज्ञानिक लगातार लहरों पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल इन तीनों देशों में आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है।

