एक वायरल फोटो ने तबाह कर दी जापान के इस शांत शहर की शांति, माउंट फुजी के चक्कर में रद्द हुआ चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल

Japan News: जापान के शांत शहर फुजियोशिदा में मुश्किलें एक खूबसूरत तस्वीर से शुरू हुईं। सोशल मीडिया पर माउंट फुजी, लाल पगोडा और चेरी ब्लॉसम की वायरल तस्वीर ने पर्यटकों की भारी भीड़ खींच ली। इसके बाद ट्रैफिक जाम, कूड़े और बदतमीजी जैसी समस्याएं बढ़ गईं। हालात इतने खराब हुए कि प्रशासन को वार्षिक चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द करना पड़ा।

वायरल फोटो बनी मुसीबत की वजह

फुजियोशिदा शहर में माउंट फुजी की एक शानदार तस्वीर ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया। इस तस्वीर में बर्फ से ढका पहाड़, लाल रंग का मंदिर और चेरी ब्लॉसम के फूल दिख रहे थे। इसी तरह की फोटो खींचने के लिए दुनियाभर से पर्यटक यहां आने लगे। यह छोटा और शांत शहर अचानक भीड़ से पट गया। जल्द ही यहां ट्रैफिक जाम और कूड़े के ढेर लगने लगे।

पर्यटकों के बदतमीजी भरे व्यवहार ने बढ़ाई मुश्किल

कुछ विदेशी पर्यटकों के खराब व्यवहार ने स्थानीय लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी। पर्यटक निजी घरों के दरवाजे खटखटाकर टॉयलेट मांगने लगे। कई लोग घरों के सामने ही पेशाब कर देते थे। इस बढ़ती अराजकता को देखते हुए शहर के अधिकारियों ने फरवरी में बड़ा फैसला लिया। उन्होंने सालाना चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल को रद्द करने की घोषणा कर दी। यह फेस्टिवल करीब दस साल पहले पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था।

ओवरटूरिज्म: पूरे जापान के लिए नई चुनौती

स्थानीय लोग इस समस्या को ‘टूरिज्म पॉल्यूशन’ यानी पर्यटन प्रदूषण कह रहे हैं। यह संकट अब सिर्फ फुजियोशिदा तक सीमित नहीं है। क्योटो और कमाकुरा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी इससे जूझ रहे हैं। क्योटो में स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े सूटकेस लेकर चलने वाले पर्यटक सिटी बसों में भारी भीड़ बढ़ा रहे हैं। जापान की सरकार एक तरफ पर्यटन बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदाय इतने विदेशी पर्यटकों के लिए तैयार नहीं है।

प्रतिदिन दस हजार विदेशी पर्यटक पहुंच रहे

शहर के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा इलाका मुख्य रूप से रिहायशी है। यहां पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में रोजाना दस हजार से अधिक विदेशी पर्यटक आने लगे हैं। इससे स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसलिए प्रशासन ने तय किया कि ऐसा कोई आयोजन नहीं करेंगे जिससे और अधिक पर्यटक यहां आएं।

फेस्टिवल रद्द होने के बाद भी नहीं घटी भीड़

चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल रद्द होने के बावजूद अप्रैल की शुरुआत में यहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जब चेरी ब्लॉसम अपने पूरे रंग में थे, तब अराकुरायामा सेनगेन पार्क जाने वाली संकरी सड़कों पर लंबी कतारें लग गईं। पर्यटक माउंट फुजी का मशहूर पैनोरमिक दृश्य कैद करना चाहते थे। इस दबाव को देखते हुए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने पड़े।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, लगाई वाहनों पर रोक

एक अप्रैल से चेरी ब्लॉसम सीजन की शुरुआत के साथ फुजियोशिदा प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। सुंदर इलाके में टूर बसों और निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब पर्यटकों को पार्क तक पैदल ही जाना होता है। सुरक्षा गार्ड लोगों को भीड़ वाले स्थानों से दूर रहने का इशारा करते हैं। वे पर्यटकों से सिगरेट के टुकड़े सही जगह फेंकने की अपील भी करते हैं।

सरकार के दोहरे रुख ने बढ़ाई उलझन

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार एक ओर ओवरटूरिज्म से निपटने के लिए सख्त नियम बनाने का प्रस्ताव ला रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार 2030 तक विदेशी पर्यटकों की संख्या चार करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़ करने का लक्ष्य भी रख रही है। यह दोहरा रुख स्थानीय समुदायों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। फुजियोशिदा का मामला दिखाता है कि बिना योजना के पर्यटन बढ़ाने से क्या नुकसान हो सकते हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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