India News: इजरायल और लेबनान के बीच जारी खूनी संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बड़ा दावा किया है कि भीषण हमलों के बाद अब हिजबुल्लाह सीजफायर की गुहार लगा रहा है। इजरायली सेना ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की है। इन हमलों में अब तक कम से कम 203 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 1,000 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
दक्षिण लेबनान को जोड़ने वाला स्ट्रैटेजिक पुल बहाल
भारी तबाही के बीच लेबनान की सेना ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेना ने लिटानी नदी पर स्थित कासमीह पुल को फिर से यातायात के लिए खोल दिया है। यह पुल टायर शहर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली आखिरी सीधी क्रॉसिंग है। इजरायल ने पहले इस इलाके के कई पुलों को निशाना बनाया था। इजरायल का आरोप है कि हिजबुल्लाह इन्हीं रास्तों से अपने लड़ाकों और हथियारों की सप्लाई करता है।
संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाएगा लेबनान
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इजरायल की इस सैन्य कार्रवाई पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इजरायली हमले अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ये हमले ईरान जंग को रोकने की वैश्विक कोशिशों को कमजोर कर रहे हैं। लेबनान सरकार ने अब इन हमलों की आधिकारिक शिकायत संयुक्त राष्ट्र (UN) में करने का फैसला लिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका है।
ईरान ने दी इजरायल को अंजाम भुगतने की धमकी
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबफ ने इजरायल को सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि लेबनान पर किए जा रहे इन हमलों की इजरायल को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान चाहता है कि दो हफ्ते के सीजफायर को लेबनान तक विस्तार दिया जाए। हालांकि, इजरायल और अमेरिका दोनों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ इस आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
बेरूत के अस्पतालों में बिछी हैं लाशें, मलबे का ढेर बना शहर
लेबनान की राजधानी बेरूत में तबाही के खौफनाक मंजर दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायलों की संख्या इतनी अधिक है कि वहां जगह कम पड़ गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया। डॉक्टर वाएल जारोश ने बताया कि उनके अस्पताल में महज 10 मिनट में 70 घायल मरीज पहुंचे। लोगों का कहना है कि धमाके इतने शक्तिशाली थे कि हवा में लाशें उड़ती नजर आईं।

