ईरान के आसमान में मिला चीन का खूंखार हथियार, क्या अमेरिका के साथ युद्ध में कूद पड़े सऊदी और यूएई?

World News: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस जंग में दो नए देशों की एंट्री का शक पैदा हुआ है। ईरान ने अपने शिराज शहर के आसमान में एक विदेशी ड्रोन को मार गिराया है। इस घटना ने पश्चिम एशिया में दहशत का माहौल बना दिया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर सऊदी अरब और यूएई भी इस युद्ध में शामिल हो चुके हैं।

खतरनाक ड्रोन का सच आया सामने

इस विवाद की असली जड़ वह रहस्यमयी ड्रोन है। शुरुआत में ईरान ने इसे अमेरिका का घातक एमक्यू-9 रीपर मान लिया था। लेकिन मलबे की जांच के बाद नया सच सामने आया। यह अमेरिका का नहीं बल्कि चीन का विंग लूंग 2 ड्रोन निकला। इसी बड़े खुलासे के बाद ईरान का शक गहरा गया। अमेरिका अपने हमलों के लिए कभी चीनी ड्रोन का इस्तेमाल नहीं करता है। इससे साफ हुआ कि इस हमले के पीछे कोई अन्य देश शामिल है।

ईरान ने खाड़ी देशों पर साधा निशाना

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद दो बड़े देशों की ओर कड़ा इशारा किया है। प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने बताया कि चीन का यह ड्रोन खाड़ी देशों के पास मौजूद है। उनका सीधा निशाना सऊदी अरब और यूएई की तरफ था। उन्होंने मलबे की तस्वीरें शेयर करते हुए पड़ोसी देशों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ये देश अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर युद्ध अपराध कर रहे हैं। ईरान ने इन देशों से जवाब मांगा है।

बुरी तरह फंसे सऊदी अरब और यूएई

सऊदी अरब और यूएई ने इस युद्ध में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन दोनों देशों के पास चीन का यह शक्तिशाली ड्रोन मौजूद है। इन दोनों देशों की स्थिति अब बहुत मुश्किल हो चुकी है। दोनों देशों के भीतर अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अमेरिका उन पर साथ देने का भारी दबाव बना रहा है। दूसरी ओर ईरान ने इन देशों के अहम पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह करने की सख्त चेतावनी दे दी है।

चीन के ड्रोन की विनाशकारी ताकत

चीन का विंग लूंग 2 कोई साधारण ड्रोन नहीं है। यह पंद्रह सौ किलोमीटर की लंबी दूरी तक आसानी से उड़ान भर सकता है। यह मिसाइल, बम और घातक रॉकेट ले जाने में पूरी तरह सक्षम है। यह एक बार में लगभग चार सौ अस्सी किलो भारी हथियार ढो सकता है। इसे अमेरिकी रीपर ड्रोन का एक बेहद सस्ता विकल्प माना जाता है। यमन में हूतियों ने पहले भी ऐसे ड्रोन को मार गिराने का बड़ा दावा किया था।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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