World News: अमेरिका और इजराइल के बड़े हमले के बाद अब ईरान ने खौफनाक जवाबी कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है। ईरान के सबसे ऊंचे ‘बी1 ब्रिज’ (B1 Bridge) के ढहने के बाद तेहरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के 8 प्रमुख पुलों की एक ‘हिट लिस्ट’ जारी की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी समाचार एजेंसी ने इन पुलों को अपना अगला निशाना बताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘स्टोन एज’ (पाषाण युग) में धकेलने की खुली धमकी दी थी। अब ईरान की इस ‘हिट लिस्ट’ ने पूरे मिडिल ईस्ट में तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं ये 8 मशहूर पुल
ईरान की समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने जिन आठ बड़े पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है, वे इलाके के अहम व्यापारिक और नागरिक रास्ते हैं। इस सूची में कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह सी ब्रिज शामिल है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज भी निशाने पर हैं। सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे भी इस लिस्ट का अहम हिस्सा है। ईरान ने जॉर्डन के किंग हुसैन ब्रिज, दमिया ब्रिज और अब्दौन ब्रिज को भी बर्बाद करने की खुली चेतावनी दी है।
नेचर डे मना रहे 8 आम नागरिकों की गई जान
गुरुवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के सबसे ऊंचे 136 मीटर वाले B1 पुल पर बम बरसाए। यह पुल अभी बन रहा था। यह राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोड़ता है। करीब 400 मिलियन डॉलर की लागत वाला यह पुल पूरी तरह से ढह गया। अल्बोर्ज प्रांत के अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 8 आम लोगों की मौत हुई है और 95 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। स्थानीय लोग वहां पुल के नीचे नदी के किनारे ‘नेचर डे’ (Nature Day) मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। पुल गिरने के खौफनाक वीडियो अब पूरी दुनिया देख रही है।
ट्रंप की ‘स्टोन एज’ वाली चेतावनी और ईरान का पलटवार
हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने B1 पुल के ढहने का वीडियो शेयर किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ईरान के लिए समझौता करने का समय आ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान पीछे नहीं हटा, तो अमेरिका उसे वापस ‘स्टोन एज’ में पहुंचा देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास ईरान का नामोनिशान मिटाने की ताकत है। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी करारा जवाब दिया। अराघची ने कहा कि आम नागरिकों और अधूरे पुलों पर हमला करने से ईरानी डरने वाले नहीं हैं। यह दुश्मन की हताशा और गिरते मनोबल का साफ सबूत है।
मध्य पूर्व में गहराया क्षेत्रीय युद्ध का भयानक संकट
28 फरवरी से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच यह खूनी संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। इस युद्ध में अब तक तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई सहित 1,340 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। तेहरान ने भी इजराइल और अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि आगे ईरान के पावर प्लांट उनके निशाने पर होंगे। ऐसे में यह संघर्ष अब एक भयानक क्षेत्रीय महायुद्ध का रूप लेता जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया सहमी हुई है।

