Washington News: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध बेहद खतरनाक मोड़ पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को दिया अल्टीमेटम विफल होता दिख रहा है। ईरान ने धमकियों को दरकिनार कर इजरायल पर कई मिसाइल हमले किए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद के कारण मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। इस महायुद्ध से वैश्विक ऊर्जा संकट भी लगातार गहराता जा रहा है। शांति की कोई उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
ट्रंप की धमकियों का ईरान पर नहीं हुआ असर
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की चेतावनी दी थी। उन्होंने इसके लिए ईरान को कई दिनों का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इन धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान का साफ कहना है कि वह किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है। उसने अमेरिका से केवल बराबरी के स्तर पर समझौते की बात कही है। ट्रंप की इस विफलता से अमेरिकी कूटनीति पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
इजरायल पर लगातार हो रहे भीषण मिसाइल हमले
अल्टीमेटम के बीच ईरान ने इजरायल पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने इजरायली शहरों पर कई शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन मिसाइल हमलों से इजरायल के कई इलाकों में भारी तबाही मची है। इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम भी कुछ मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहे हैं। इस भीषण बमबारी के कारण सैकड़ों लोगों के घायल होने की आधिकारिक खबर है। इस ताजा तनाव से पूरे मध्य पूर्व में युद्ध भड़कने का खतरा और बढ़ गया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संकट पर भारी असर
युद्ध का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई रुकी है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट बहुत गहरा गया है। दुनिया के कई देश इस समय भारी आर्थिक दबाव और महंगाई का सामना कर रहे हैं। कुछ देश आपसी मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों में युद्धविराम कराने का प्रयास कर रहे हैं।

