Iran News: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दुनिया के सबसे आधुनिक और ‘अजेय’ माने जाने वाले अमेरिकी लड़ाकू विमान F-35 को मार गिराने का सनसनीखेज दावा किया है। इस खबर ने पूरी दुनिया के रक्षा गलियारों में खलबली मचा दी है। दावों की गंभीरता यहीं खत्म नहीं होती; अब यह भी कहा जा रहा है कि विमान के पायलट को ईरानी सेना ने जिंदा पकड़ लिया है। अगर इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो यह मध्य पूर्व के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। फिलहाल, वाशिंगटन और इजरायल के लिए यह स्थिति किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है।
पश्चिमी ईरान के पहाड़ों में हुई ‘सर्जिकल’ स्ट्राइक
तसनिम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना पश्चिमी ईरान के कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के पास हुई है। IRGC के उन्नत डिफेंस सिस्टम ने घुसपैठ कर रहे अमेरिकी फाइटर जेट को सीधे निशाने पर लिया। जैसे ही विमान हिट हुआ, पायलट ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को ‘इजेक्ट’ किया। रिपोर्ट बताती है कि पायलट ईरानी सरजमीं पर उतरा और वहां से भागने की कोशिश की। अमेरिकी सेना ने अपने जवान को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कोशिश की, लेकिन ईरानी सेना ने उसे पहले ही दबोच लिया।
अमेरिकी साख और ‘लेकनहीथ स्क्वाड्रन’ पर सवाल
बताया जा रहा है कि यह विमान अमेरिका की मशहूर ‘लेकनहीथ स्क्वाड्रन’ का हिस्सा था। यह यूनिट दुनिया की सबसे घातक हवाई ताकतों में गिनी जाती है। IRGC का दावा है कि उन्होंने दूसरे F-35 को पूरी तरह तबाह कर दिया है। यह वही विमान है जिस पर अमेरिका को सबसे ज्यादा नाज था। अब इसके मलबे में तब्दील होने की खबरें पेंटागन के लिए बड़ा सिरदर्द बन गई हैं। विमान का तकनीकी रहस्य ईरान और उसके सहयोगियों के हाथ लगना अमेरिका के लिए बड़ा रणनीतिक घाटा हो सकता है।
शांति वार्ता में बढ़ेगा ईरान का पलड़ा?
हैरानी की बात यह है कि अभी तक ईरानी सरकार या सेना के शीर्ष अधिकारियों ने पायलट की गिरफ्तारी का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। हालांकि, कूटनीतिक जानकार इसे ‘लेवरेज’ की तरह देख रहे हैं। अगर पायलट ईरान के कब्जे में है, तो यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी कूटनीतिक हार साबित हो सकती है। ईरान इस मुद्दे को शांति वार्ता की मेज पर अपनी शर्तें मनवाने के लिए एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।

