Middle East News: मध्य पूर्व में युद्ध के हालात अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। इजरायल और अमेरिका ने मिलकर शनिवार को ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र पर चार विनाशकारी हमले किए हैं। इन भीषण हमलों के बाद बौखलाए ईरान ने दुनिया को सन्न करने वाली एक बहुत भयानक धमकी दे डाली है। ईरान ने चेतावनी दी है कि परमाणु विकिरण फैला तो पूरा खाड़ी क्षेत्र तबाह हो जाएगा और वहां जीवन खत्म हो जाएगा।
सऊदी अरब और यूएई के अस्तित्व पर मंडराया बड़ा खतरा
ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने सोशल मीडिया पर बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से शायद तेहरान सुरक्षित रहे। लेकिन अगर परमाणु संयंत्र से खतरनाक रेडिएशन निकला तो पड़ोसी देशों में भारी तबाही मचेगी। इसका सबसे बुरा अंजाम सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान को भुगतना पड़ेगा। अराक़ची ने सीधे तौर पर इन खाड़ी देशों की राजधानियों के कब्रिस्तान में बदलने की भयंकर चेतावनी दी है।
अमेरिकी नाकामियों के बाद बौखलाहट में परमाणु संयंत्र पर हमला
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह कायरतापूर्ण हमला किया है। ईरानी सेना ने चौबीस घंटे पहले दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों और एक विशाल एयरक्राफ्ट को मार गिराया था। इसके अलावा कई घातक ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था। ईरान के मुताबिक अपनी इसी शर्मनाक हार से बौखलाकर इजरायल और अमेरिका ने जानबूझकर चौथी बार इस संवेदनशील परमाणु ठिकाने को अपना निशाना बनाया है।
पश्चिमी देशों के दोगलेपन पर ईरान ने उठाए गंभीर सवाल
ईरानी उप विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंडों पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध के दौरान ज़ापोरिज़िया परमाणु संयंत्र का सीधा जिक्र किया। उन्होंने सवाल पूछा कि उस समय पश्चिमी देशों ने पूरी दुनिया में खूब शोर मचाया था। लेकिन बुशेहर परमाणु संयंत्र पर चार बार बमबारी होने के बावजूद सभी देश चुप क्यों बैठे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की यह गहरी चुप्पी उनके असली और खतरनाक इरादों को साफ जाहिर करती है।
युद्ध का स्थायी और सशर्त समाधान चाहता है तेहरान
अराक़ची ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि यह विनाशकारी युद्ध ईरान पर पूरी तरह जबरन थोपा गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस गंभीर संघर्ष का एक स्थायी और सशर्त समाधान खोजने की भारी अपील की है। उनके मुताबिक मौजूदा नाजुक हालात में किसी भी तरह का कामचलाऊ समझौता अब बिल्कुल बेमानी हो चुका है। अब यह देखना बहुत दिलचस्प होगा कि ईरान की इस खौफनाक परमाणु धमकी के बाद सभी महाशक्तियां अपना अगला कदम क्या उठाती हैं।

