अमेरिका का मध्य पूर्व में बड़ा सैन्य दांव, 3500 मरीन के साथ युद्धपोत USS त्रिपोली तैनात, F-35B लड़ाकू विमानों से लैस

International News: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत कर दी है। अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली अब यूएस सेंट्रल कमांड के क्षेत्र में पहुंच गया है। इस युद्धपोत के साथ करीब 3500 मरीन तैनात हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

USS त्रिपोली की खासियत: F-35B फाइटर जेट और तटीय हमले की क्षमता

यूएसएस त्रिपोलीअमेरिका-क्लास का उभयचर हमला युद्धपोत है। यह जहाज समुद्र से सीधे तट पर सैन्य बल उतारने और हमले करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत एयर विंग में शामिल एफ-35बी फाइटर जेट हैं। ये स्टील्थ तकनीक से लैस लड़ाकू विमान कम दूरी से टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग कर सकते हैं। जहाज पर कई हेलीकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट भी हैं, जो सैनिकों और उपकरणों को तेजी से तट तक पहुंचा सकते हैं।

ईरान-इजरायल तनाव के बीच बढ़ाई गई सैन्य क्षमता

यह तैनातीऐसे समय की गई है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा भी अमेरिका की प्राथमिकता है। तेल और गैस की सप्लाई के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य पूर्व में हाल के दिनों में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच लगातार हमले जारी हैं।

किस मिशन के लिए तैनाती?

यूएसएस त्रिपोलीको तटीय हमले, सैन्य बलों की लैंडिंग और त्वरित प्रतिक्रिया जैसे मिशनों के लिए तैयार रखा गया है। यह युद्धपोत क्षेत्र में पहले से मौजूद अमेरिकी सैनिकों के साथ मिलकर काम करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तैनाती का मकसद ईरान-इजरायल टकराव के बीच सैन्य संतुलन बनाए रखना और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना है। अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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