Saudi Arabia News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण जंग ने अब एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने सऊदी अरब स्थित ‘प्रिंस सुल्तान एयरबेस’ पर बड़ा हमला किया है। इस हमले में मिसाइलों और ड्रोन्स का सीधा इस्तेमाल हुआ है। इस विनाशकारी हमले में अमेरिका का सबसे आधुनिक जासूसी विमान नष्ट हो गया है। यह ‘E-3 Sentry AWACS’ विमान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है। इस विमान की कीमत करीब 2500 करोड़ रुपये (300 मिलियन डॉलर) थी। अमेरिकी वायुसेना इस विमान को अपनी ‘आंख और कान’ मानती थी। इस भयानक हमले में 10 से 15 अमेरिकी सैनिक बुरी तरह घायल हुए हैं। कुछ सैनिकों की हालत अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है।
ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने मचाई भारी तबाही
ईरानी सेना ने इस हमले में 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इसके साथ ही 29 हमलावर ड्रोन्स का भी इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इन तस्वीरों में विशालकाय विमान का बीच का हिस्सा पूरी तरह गायब दिख रहा है। विमान का भारी भरकम रडार डोम भी जमीन पर गिरा पड़ा है। इस अचूक हमले ने अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली की बड़ी खामियां उजागर कर दी हैं।
ईंधन भरने वाले विमानों को भी पहुंचा नुकसान
ईरान ने केवल इस जासूसी विमान को ही निशाना नहीं बनाया है। एयरबेस पर मौजूद अन्य अमेरिकी विमानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हवा में लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने वाले ‘KC-135’ विमान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस नुकसान पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि कई रक्षा विशेषज्ञों ने इसे अमेरिकी सेना के लिए बहुत बड़ा और अपूरणीय नुकसान बताया है।
अमेरिका के लिए क्यों अहम था यह विमान
‘E-3 AWACS’ विमान कोई आम लड़ाकू जहाज बिल्कुल नहीं था। यह आसमान में उड़ता हुआ एक बेहद आधुनिक कमांड और कंट्रोल सेंटर था। इस खास विमान के ऊपर एक बड़ा घूमने वाला रडार लगा होता है। यह रडार सैकड़ों किलोमीटर दूर से ही दुश्मन की सटीक पहचान कर लेता है। यह दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन्स को बहुत पहले ही ट्रैक कर लेता है। इस विमान के नष्ट होने से अमेरिकी सेना की निगरानी क्षमता काफी हद तक घट जाएगी।


