World News: दुनिया की नजरें इस वक्त पश्चिम एशिया पर टिकी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर युद्ध छिड़ा है। इसी बीच चीन ने एक बहुत बड़ा और खतरनाक कदम उठा लिया है। ड्रैगन ने समंदर में अपनी सेना की हलचल अचानक तेज कर दी है। चीन के 19 घातक फाइटर जेट्स ने ताइवान की सीमा में घुसपैठ की है। ताइवान की सेना भी इसके बाद हाई अलर्ट पर आ गई है। यह दुनिया के लिए एक नए और भयानक युद्ध का सीधा संकेत है।
मौके की ताक में था ड्रैगन, अमेरिका की मजबूरी का उठाया फायदा
चीन बहुत लंबे समय से ऐसे ही किसी सुनहरे मौके की तलाश में था। इस वक्त सुपरपावर अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान युद्ध पर केंद्रित है। अमेरिका की सेना पश्चिम एशिया के तनाव में बुरी तरह उलझी हुई है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर चीनी सेना ने अपनी सबसे बड़ी चाल चल दी है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने युद्ध की पूरी तैयारी कर ली है। ताइवान के एयर डिफेंस जोन में अचानक चीनी विमानों का घुसना कोई आम बात नहीं है।
ताइवान ने भी कसी कमर, आसमान में मंडरा रहे 19 चीनी जेट
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस भारी घुसपैठ की कड़ी निंदा की है। उनके रडार पर एक साथ 19 चीनी लड़ाकू विमान और कई युद्धपोत देखे गए हैं। यह सीधे तौर पर ताइवान की संप्रभुता और आजादी पर बहुत बड़ा हमला है। लेकिन ताइवान ने भी इस बार आसानी से हार नहीं मानी है। ताइवानी सेना ने तुरंत अपने अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को हवा में उतार दिया है। समंदर के इस मोर्चे पर अब दोनों देशों की सेनाएं बिल्कुल आमने-सामने आ चुकी हैं।
क्या एक और भयानक विनाश की तरफ बढ़ रही है दुनिया?
अगर चीन ने ताइवान पर सीधा सैन्य हमला किया, तो इसके परिणाम बेहद भयानक होंगे। एशिया में विनाश का एक बहुत बड़ा जंगी मोर्चा खुल जाएगा। दुनिया पहले से ही कई जगह युद्ध की आग में झुलस रही है। अब ताइवान पर चीन का यह आक्रामक रवैया पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकता है। रक्षा विशेषज्ञ इसे एक बहुत बड़े वैश्विक खतरे की आहट मान रहे हैं।


