Afghanistan News: अफगानिस्तान के हिंदूकुश पर्वत क्षेत्र में शुक्रवार रात भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। इस विनाशकारी भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई है। यह शक्तिशाली भूकंप रात 9 बजकर 42 मिनट पर आया। इसका केंद्र जमीन से 150 किलोमीटर गहराई में था। इस प्राकृतिक आपदा ने काबुल शहर में भारी तबाही मचाई है। राजधानी काबुल में एक रिहायशी मकान ढहने से आठ लोगों की जान चली गई। इस हादसे में एक बच्चा घायल हुआ है।
उत्तर भारत और पाकिस्तान में तेज झटके
अफगानिस्तान में आए इस तेज भूकंप का असर भारत और पाकिस्तान के कई हिस्सों में भी दिखा। ये झटके उत्तर भारत के कई राज्यों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में धरती हिलने लगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में भी लोगों को झटके महसूस हुए। गनीमत यह रही कि भारत में अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
खौफ में घरों से बाहर भागे लोग
भूकंप के कारण दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घबराहट में घरों से बाहर निकल आए। रात का समय होने के कारण ज्यादातर लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे। अचानक धरती हिलने से लोग एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों की तरफ भागने लगे। दफ्तरों में नाइट शिफ्ट कर रहे कर्मचारी भी कुछ देर के लिए अपनी इमारतों से बाहर चले गए।
चंडीगढ़ और पंजाब में दिखा सीधा असर
पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में भी लोगों ने झटके महसूस किए। चंडीगढ़ निवासी बलदेव चंद ने मीडिया को बताया कि उन्हें अचानक बहुत तेज झटका लगा। पंजाब के जीरकपुर इलाके में एक ऊंची रिहायशी इमारत की ग्यारहवीं मंजिल पर अजय कुमार रहते हैं। अजय ने बताया कि यह डरावने झटके केवल कुछ सेकंड तक ही महसूस हुए। उन्होंने अपने परिवार के साथ तुरंत नीचे भागने का विचार किया। हालांकि गनीमत यह रही कि झटके जल्द रुक गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए डरावने वीडियो
भूकंप आने के तुरंत बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई डरे हुए लोगों ने घरों में छत के पंखे और बत्तियां हिलने के वीडियो तेजी से साझा किए। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि उम्मीद है किसी को चोट नहीं आई होगी। यूजर ने बताया कि उसने पहले अपने कमरे का पंखा हिलते देखा। इसके बाद उसने टीवी पर खबर देखी तो उसे पता चला कि भूकंप आया है।
तिब्बत में भी हिली धरती, दिखा असर
अफगानिस्तान के अलावा तिब्बत में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार तिब्बत में 3.8 तीव्रता का भूकंप आया है। इस इलाके में भूकंप का केंद्र सतह से महज 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर मौजूद था। कम गहराई होने के बावजूद तिब्बत में किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हिमालयी बेल्ट में भूगर्भीय हलचल लगातार हो रही है।
हिंदूकुश क्षेत्र में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
वैज्ञानिकों के अनुसार अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के लगातार आपस में टकराने के कारण यहां धरती कांपती है। इस गहरी भौगोलिक हलचल से भारी मात्रा में ऊर्जा पैदा होती है। यही ऊर्जा भूकंप के रूप में बाहर निकलती है। इसलिए इस पूरे मध्य एशियाई क्षेत्र में बार-बार तेज झटके आते रहते हैं। भूकंप का केंद्र गहराई में होने से झटके दूर तक महसूस किए जाते हैं।

