Uttar Pradesh News: मेरठ के मेट्रो प्लाजा के पास गुरुवार को ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने खाकी का मान बढ़ा दिया। एक बेबस दंपती अपने लाखों के आभूषणों से भरा बैग ई-रिक्शा में भूलकर बस में सवार हो गया। दो घंटे बाद जब उन्हें बैग की याद आई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि वह बैग यातायात पुलिस के हेडकांस्टेबल विजय सिंह के हाथ लग चुका था। पुलिसकर्मी ने न केवल वह कीमती बैग सुरक्षित रखा, बल्कि दंपती के वापस आने पर पूरी तस्दीक के बाद उसे लौटा दिया।
लाखों का सोना और आंखों में खुशी के आंसू
यह घटना गुरुवार रात की है जब एक दंपती मेट्रो प्लाजा से मोदीनगर जाने के लिए ई-रिक्शा से उतरा और बस में चढ़ गया। जल्दबाजी में वे अपना बैग ई-रिक्शा में ही छोड़ गए। बैग में लाखों रुपये की कीमत के सोने के आभूषण और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। जब दंपती मोदीनगर पहुंचे, तब उन्हें अहसास हुआ कि बैग गायब है। वे बदहवास हालत में वापस मेट्रो प्लाजा पहुंचे। वहां ड्यूटी पर तैनात हेडकांस्टेबल विजय सिंह ने पहले ही लावारिस बैग को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रख लिया था।
तस्दीक के बाद लौटाया कीमती सामान
बैग तलाशते हुए जब दंपती पुलिसकर्मी के पास पहुंचे, तो हेडकांस्टेबल ने उनसे बैग के भीतर रखे सामान का ब्योरा मांगा। दंपती ने बैग में रखे एक-एक आभूषण और सामान की सटीक जानकारी दी। सामान का मिलान होते ही विजय सिंह ने पूरी ईमानदारी के साथ बैग उनके हवाले कर दिया। अपना कीमती सामान वापस पाकर दंपती के सब्र का बांध टूट गया और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने हाथ जोड़कर ईमानदार पुलिसकर्मी का आभार व्यक्त किया।
एडीजी ने की सराहना, मिलेगा सम्मान
हेडकांस्टेबल विजय सिंह की इस नेकदिली और ईमानदारी की चर्चा अब पूरे महकमे में हो रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी इस कार्यशैली की जमकर तारीफ की है। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि विजय सिंह ने ईमानदारी का परिचय देकर पुलिस की छवि को जनता के बीच बेहतर बनाया है। उन्होंने घोषणा की है कि इस नेक काम के लिए हेडकांस्टेबल को विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। यह घटना साबित करती है कि आज भी ईमानदारी जिंदा है।

