Himachal News: हिमाचल प्रदेश की दो ग्राम पंचायतों ने पूरे देश में अपना डंका बजा दिया है। केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार में इन पंचायतों ने बाजी मारी है। लाहुल-स्पीति जिले की शांशा पंचायत ने देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, मंडी जिले की लोहाड़ी पंचायत को तीसरा स्थान मिला है। इस शानदार उपलब्धि के लिए दोनों पंचायतों को कुल डेढ़ करोड़ रुपये की भारी-भरकम इनामी राशि मिलेगी।
लाहुल की शांशा पंचायत को मिलेगा एक करोड़ का इनाम
लाहुल-स्पीति जिले के लाहुल ब्लॉक में पड़ने वाली शांशा पंचायत ने इतिहास रच दिया है। इस पंचायत ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सुरक्षा श्रेणी में पूरे भारत में पहला मुकाम हासिल किया है। शानदार काम के लिए केंद्र सरकार इस पंचायत को इनाम के रूप में सीधे एक करोड़ रुपये की राशि देगी। शांशा पंचायत ने कमजोर और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए बेहतरीन काम किया है। यहां सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारा गया है।
मंडी की लोहाड़ी पंचायत ने स्वच्छता में मारी बाजी
मंडी जिले के बल्ह ब्लॉक की लोहाड़ी पंचायत ने भी राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इस पंचायत को ‘स्वच्छ एवं हरित पंचायत’ की खास श्रेणी में देश भर में तीसरा स्थान मिला है। इस बड़ी सफलता के लिए पंचायत को 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस पंचायत ने स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन में पूरे देश के सामने एक शानदार मिसाल पेश की है। पंचायत ने गांव का हरित क्षेत्र बढ़ाने और जल संरक्षण के मामले में भी उत्कृष्ट काम किया है।
आठ पंचायतों का हुआ था नामांकन, मंत्री ने दी बधाई
हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस साल अलग-अलग श्रेणियों में कुल आठ पंचायतों का नाम भेजा था। इनमें स्वच्छता, जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और हरित विकास जैसे अहम क्षेत्र मुख्य रूप से शामिल थे। अंतिम चयन में प्रदेश की दो पंचायतों ने अपनी जगह पक्की कर ली। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इसे ग्रामीण विकास की दिशा में एक बहुत बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि जनता की सीधी भागीदारी और योजनाओं को सही ढंग से लागू करने से ही यह सब संभव हो पाया है।

