Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के मंदिरों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब जिला के मंदिरों में लगने वाले भंडारे के लिए नए नियम लागू होंगे। शिमला प्रशासन ने भंडारे के लिए न्यूनतम मानक तय करने का बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही मंदिरों की नई वेबसाइट भी बनाई जा रही है। इसका अस्सी प्रतिशत काम पूरा हो गया है। श्रद्धालु अब घर बैठे ही लाइव दर्शन कर सकेंगे।
एसडीएम तय करेंगे भंडारे का नया मेन्यू
शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को नई जिम्मेदारी सौंपी है। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र के मंदिरों में भंडारे का न्यूनतम मेन्यू तय करेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भंडारे में एकरूपता लाना है। सभी मंदिरों के लिए न्यूनतम मानक बनाए जाएंगे। मेन्यू तय होने के बाद ही भंडारे की नई दरें भी निर्धारित की जाएंगी। प्रशासन मंदिरों की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहता है।
वेबसाइट पर मिलेगी हर छोटी-बड़ी जानकारी
उपायुक्त ने मंगलवार को वेबसाइट निर्माण कार्य की अहम समीक्षा बैठक की। जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतरीन वेबसाइट बना रहा है। इस दौरान बताया गया कि वेबसाइट का काम बहुत तेजी से चल रहा है। राज्य औद्योगिक विकास निगम की टीम इसे तैयार कर रही है। अब तक लगभग अस्सी फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उपायुक्त ने टीम को वेबसाइट को लेकर कई जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
पहले चरण में जुड़ेंगे शिमला के तीन बड़े मंदिर
प्रशासन पहले चरण में शिमला के तीन सबसे प्रसिद्ध मंदिरों को वेबसाइट से जोड़ेगा। इनमें माता तारा देवी मंदिर, प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर और जाखू मंदिर मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके बाद जिले के अन्य मंदिरों को भी धीरे-धीरे वेबसाइट का हिस्सा बनाया जाएगा। इस वेबसाइट से श्रद्धालुओं को मंदिर से जुड़ी हर जानकारी आसानी से मिल जाएगी। लोग घर बैठे ही मंदिर का समृद्ध इतिहास, प्राचीन संस्कृति और सटीक मैप देख सकेंगे।
एक क्लिक पर होगी भंडारे की पूरी बुकिंग
नई वेबसाइट शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। वेबसाइट पर ऑनलाइन भंडारा स्लॉट बुकिंग की विशेष सुविधा मिलेगी। एक क्लिक पर पता चल जाएगा कि किस दिन किसने भंडारा लगाया है। इसके अलावा ऑनलाइन चंदा देने और सराय बुकिंग का विकल्प भी मौजूद रहेगा। भक्त आरती का समय देखने के साथ ही लाइव आरती के दर्शन भी कर सकेंगे। समीक्षा बैठक में एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर भी मौजूद रहे।

