Himachal News: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का मिजाज एक बार फिर खतरनाक रुख अख्तियार कर चुका है। राज्य के मध्य और निचले इलाकों में भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी कुछ दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण यह दौर अगले हफ्ते तक जारी रह सकता है। शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बर्फबारी से थमी रफ्तार और ओलावृष्टि का डर
लाहौल-स्पीति में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण करीब 18 मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दारचा-सर्चू और ग्रांफू-बटाल मार्ग भी शामिल हैं। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। बागवानों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि अप्रैल में ओले गिरना सेब की फसल को तबाह कर सकता है। इसके साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान भी जताया गया है।
पर्यटकों के लिए चेतावनी और भविष्य का पूर्वानुमान
अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल और अन्य हिमस्खलन-प्रवण इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही पर एहतियाती रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ऊंचे इलाकों में जाने से पहले मौसम की रिपोर्ट जरूर देख लें। शिमला और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर दृश्यता कम होने से ड्राइविंग जोखिम भरी हो गई है। 7 अप्रैल से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है। इसका मतलब है कि हिमाचल के लोगों और सैलानियों को फिलहाल इस बेमौसम ठंड और बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है।

