Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के महीने में मौसम ने अपना सबसे डरावना रूप दिखाया है। पहाड़ों पर जहाँ ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शिमला सहित कई जिलों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। मौसम विभाग ने 9 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में आंधी, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता ने लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा की चोटियों को सफेद चादर से ढक दिया है।
4 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिए कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी ओलावृष्टि को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। 6 अप्रैल तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। विभाग का कहना है कि 7 अप्रैल को भी 10 जिलों में बिजली गिरने और तेज अंधड़ को लेकर ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी रहेगा।
फसलों पर बरसी आफत, किसानों की बढ़ी चिंता
शुक्रवार को शिमला और हमीरपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कई स्थानों पर बड़े आकार के ओले गिरे हैं। इससे गेहूं, मटर और सेब की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। बागवानों के लिए यह समय सबसे संवेदनशील होता है, लेकिन मौसम के कड़े तेवर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। दिन भर चली सर्द हवाओं ने मैदानी इलाकों से गर्मी को पूरी तरह गायब कर दिया है। शिमला में तापमान गिरने के कारण सैलानियों और स्थानीय लोगों को दोबारा भारी गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं।
9 अप्रैल तक नहीं मिलेगी राहत
कुदरत का यह मिजाज फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 9 अप्रैल तक हिमाचल का मौसम पूरी तरह अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान बीच-बीच में बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां जारी रहेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहने से तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और ऊंचाई वाले संवेदनशील रास्तों पर जाने से बचें।

