Himachal News: हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति के साथ ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राजकीय टीजीटी कला संघ ने 511 हेडमास्टर और 266 प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य बनाने पर सरकार का आभार जताया है। हालांकि, स्टेशन आवंटन को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी है। कई महिला शिक्षकों को उनके घर से 300 किलोमीटर से अधिक दूर तैनात किया गया है। संघ का दावा है कि नजदीकी जिलों में पद रिक्त होने के बावजूद शिक्षकों को इतनी दूर भेजा गया है।
खाली पदों से शिक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय हीर ने बताया कि प्रदेश में हेडमास्टर के लगभग 600 पद रिक्त चल रहे हैं। हेडमास्टर के 70 प्रतिशत पद खाली होने से स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा सकती है। संघ ने मांग की है कि 20 से 29 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके पात्र शिक्षकों को तुरंत प्रमोट किया जाए। रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इससे स्कूलों में पढ़ाई और अनुशासन दोनों बेहतर हो सकेंगे।
आचार संहिता से पहले पदोन्नति और नियमितीकरण की मांग
शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा निदेशालय से लंबित पदोन्नति सूचियों को जल्द जारी करने की अपील की है। संघ चाहता है कि पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी हों। इसके अलावा, अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया भी जल्द सुनिश्चित की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि महिला शिक्षकों के समायोजन और रिक्त पदों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे शिक्षकों का मनोबल गिरेगा और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी।

