Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नया वित्त वर्ष गैस उपभोक्ताओं के लिए भारी परेशानी लेकर आया है। प्रदेश भर में ई-केवाईसी और गैस एजेंसियों के सॉफ्टवेयर अपडेशन के कारण हजारों बुकिंग अपने आप रद्द हो गई हैं। जिन लोगों ने बीस मार्च के बाद गैस सिलेंडर बुक किया था, उन्हें अब तक डिलीवरी नहीं मिली है। इस तकनीकी गड़बड़ी ने पूरे सिस्टम को बिगाड़ दिया है। उपभोक्ताओं को अब नए सिरे से बुकिंग करानी पड़ रही है, जिससे एजेंसियों पर दबाव काफी बढ़ गया है।
ई-केवाईसी और सॉफ्टवेयर अपडेट ने बढ़ाई परेशानी
इकतीस मार्च को प्रदेश की गैस एजेंसियों ने अपना सॉफ्टवेयर अपडेट किया था। इसी दौरान सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया। तकनीकी बदलाव के कारण इकतीस मार्च से पहले की सभी लंबित बुकिंग सिस्टम से हट गईं। ग्राहकों को इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं मिली। बैकलॉग बढ़ने से इंडेन, एचपी और भारत गैस एजेंसियों के कार्यालयों के बाहर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। हजारों परिवार बिना गैस के बेहद परेशान हैं और प्रशासन से सीधे जवाब मांग रहे हैं।
नए वित्त वर्ष में पिछला कोटा हुआ समाप्त
हिमाचल प्रदेश में करीब एक सौ इक्यानवे गैस एजेंसियां काम कर रही हैं। वित्त वर्ष बदलने से गैस उपभोक्ताओं का पिछला कोटा पूरी तरह समाप्त हो गया है। सरकार एक साल में बारह सिलेंडर सब्सिडी पर देती है। अब ग्राहकों को मिलने वाला नया सिलेंडर इस साल के कोटे में गिना जाएगा। जिन लोगों की बुकिंग तकनीकी कारण से रद्द हुई है, उनका पिछला कोटा भी खत्म माना गया है। इससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ और परेशानी दोनों काफी ज्यादा बढ़ गए हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वेटिंग पीरियड बढ़ा
सॉफ्टवेयर की इस समस्या ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। नियमों के मुताबिक शहरी उपभोक्ताओं को पच्चीस दिन में गैस मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समय पैंतालीस दिन है। पुरानी बुकिंग रद्द होने से शहरों में वेटिंग पीरियड चालीस दिन पार कर गया है। एक परिवार में गैस सिलेंडर औसतन एक महीना चलता है। ऐसे में चालीस दिन की इस लंबी वेटिंग ने आम जनता के सामने रसोई गैस का एक बड़ा और बहुत ही ज्यादा गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
बिना सूचना रद्द हुई बुकिंग, उपभोक्ता हैं अनजान
सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई उपभोक्ताओं को बुकिंग रद्द होने की जानकारी ही नहीं है। लोग घर पर अपने सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। गैस एजेंसी जाने पर उन्हें इस गड़बड़ी की असलियत पता चलती है। वहां बताया जाता है कि सिस्टम में उनकी पुरानी बुकिंग मौजूद नहीं है। लोगों को अब दोबारा मोबाइल ऐप के जरिए नई बुकिंग करनी पड़ रही है। इस प्रक्रिया में उनका नंबर पीछे चला जाता है, जिससे आम जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने एजेंसियों को दी सख्त चेतावनी
उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने अब बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। सोलन जिले के खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्रवण हिमालयन ने इस मामले पर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली किसी भी गैस एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। सॉफ्टवेयर अपडेट होने से बुकिंग रद्द होने की जानकारी विभाग को मिल चुकी है। सभी गैस एजेंसी मालिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जनता की समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालें।
पुरानी बुकिंग वाले ग्राहकों को दें पहली प्राथमिकता
प्रशासन ने एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों की बुकिंग पहले हुई थी, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। तकनीकी खामी का खामियाजा आम जनता को नहीं भुगतना चाहिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुरानी तारीख वालों को तुरंत सिलेंडर मुहैया करवाए जाएं। यदि कोई गैस एजेंसी इस आदेश का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीमें अब खुद एजेंसियों के रिकॉर्ड और बैकलॉग सूची की नियमित रूप से कड़ी जांच कर रही हैं।
बद्दी में गैस एजेंसी का लाइसेंस किया गया निलंबित
प्रशासन की यह चेतावनी केवल कागजों तक सीमित नहीं है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वालों पर कारवाई शुरू कर दी है। हाल ही में कोताही बरतने पर बद्दी में एक गैस एजेंसी का लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अन्य सभी एजेंसियों के लिए एक कड़ा संदेश है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ई-केवाईसी और सिस्टम अपडेट के नाम पर आम जनता को गैस आपूर्ति से किसी भी कीमत पर वंचित न रखा जाए।
उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी पूरी करने के जरूरी कदम
गैस उपभोक्ताओं को भविष्य की परेशानी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे।
- सभी ग्राहक अपनी संबंधित गैस एजेंसी में जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया को तुरंत पूरा करवाएं।
- अपने गैस कनेक्शन को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ अनिवार्य रूप से लिंक करें।
- जिन ग्राहकों की बुकिंग रद्द हुई है, वे आधिकारिक ऐप के माध्यम से पुनः आवेदन करें।
- समस्या होने पर उपभोक्ता खाद्य आपूर्ति विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करवा सकते हैं।

