Himachal News: देवभूमि हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में घूमने का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए हिमाचल पुलिस ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। बढ़ते सड़क हादसों और बेलगाम रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने दो टूक संदेश दिया है कि ‘पहाड़ों की सड़कें रेस ट्रैक नहीं होतीं’। पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया के जरिए वाहन चालकों को आगाह किया है कि वादियों में रफ्तार का मोह छोड़ें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही मंजिल की जगह आपको सीधा अस्पताल पहुंचा सकती है।
मोड़ खतरनाक और अप्रत्याशित, रफ्तार पर रखें काबू
हिमाचल पुलिस ने अपने आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया है कि पहाड़ी रास्तों के मोड़ मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक जोखिम भरे होते हैं। यहां गाड़ी की रफ्तार पर नियंत्रण खोना जानलेवा साबित होता है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य पर्यटन की आड़ में की जा रही ‘रैश ड्राइविंग’ को रोकना है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सड़कों का सम्मान करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर अब ड्रोन और पैनी नजर रखी जा रही है।
तेज भागोगे तो सीधा अस्पताल पहुंचोगे: डीजीपी की दो टूक
हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अशोक तिवारी ने सुरक्षा को लेकर सख्त तेवर अपनाए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि पहाड़ों पर ड्राइव करने के लिए एक विशेष स्पीड लिमिट तय होती है। ओवरस्पीडिंग हमेशा से ही पहाड़ों में जानलेवा साबित हुई है। डीजीपी ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर पुलिस की यह मुहिम तेजी से वायरल हो रही है। लोग ‘रोड सेफ्टी’ और ‘ड्राइव सेफ’ जैसे हैशटैग के साथ इस संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं।

