Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की माता संसार देई ने सादगी की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। शुक्रवार को वह किसी लाव-लश्कर या सरकारी सुरक्षा के बिना साधारण ऑल्टो कार में सवार होकर ऐतिहासिक बैजनाथ शिव मंदिर पहुंचीं। प्रदेश के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति की माता होने के बावजूद उन्होंने किसी भी वीआईपी सुविधा को लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और श्रद्धा अर्पित की।
साधारण श्रद्धालु बनकर पहुंचीं संसार देई
बैजनाथ मंदिर में उमड़ी भीड़ के बीच संसार देई बिल्कुल साधारण महिला की तरह नजर आईं। उनके साथ उनकी बड़ी बहू अमृत बाला, परिवार के सदस्य और गांव के महिला मंडल की सदस्य मौजूद थीं। मंदिर पहुंचने पर राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा और स्थानीय विधायक किशोरी लाल ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री की माता ने मंदिर में पूरी विधि-विधान से माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उनकी इस सादगी ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।
लंगर में आम लोगों के साथ बैठकर चखा प्रसाद
दर्शन के बाद संसार देई ने एक बार फिर अपनी विनम्रता का परिचय दिया। विधायक किशोरी लाल के विशेष आग्रह पर वह मंदिर के बाहर चल रहे लंगर में शामिल हुईं। उन्होंने किसी खास व्यवस्था की मांग करने के बजाय जमीन पर बैठकर आम लोगों के साथ पंगत में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों से बेहद गर्मजोशी के साथ मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।
पारंपरिक तरीके से किया गया सम्मान
इस खास मौके पर राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, विधायक किशोरी लाल और कांग्रेस नेता रविंद्र बिट्टू ने उन्हें सम्मानित किया। उन्हें शॉल, हिमाचली टोपी और बैजनाथ शिव मंदिर की एक सुंदर तस्वीर भेंट की गई। शिव मंदिर ट्रस्ट ने भी उन्हें पारंपरिक मर्यादा के अनुसार सम्मानित किया। इस अवसर पर कई कांग्रेस कार्यकर्ता और भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की माता का यह व्यवहार आधुनिक राजनीति में ‘वीआईपी कल्चर’ के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

