Himachal News: उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में आस्था और चमत्कार का एक ऐसा प्रसंग सामने आया है, जिसने सबको भावुक कर दिया। दिल्ली से आए एक परिवार की मन्नत पूरी होने पर मंदिर परिसर में खुशी के आंसू छलक पड़े। जन्म से पूरी तरह मौन रहने वाला एक 3 वर्षीय बच्चा बाबा की कृपा से अब स्पष्ट रूप से बोलने लगा है। इस घटना ने चैत्र मेलों के दौरान श्रद्धालुओं के बीच अटूट श्रद्धा और विश्वास का नया संचार कर दिया है।
एक साल पहले मंदिर में लगाई थी अरदास
दिल्ली के रहने वाले इस 3 वर्षीय बालक सिमरन के माता-पिता पिछले वर्ष शाहतलाई दरबार पहुंचे थे। उस समय सिमरन बोलने में पूरी तरह असमर्थ था और परिजन उसकी इस स्थिति से बेहद चिंतित थे। उन्होंने मंदिर के पंडित सरवण कुमार शर्मा के माध्यम से बाबा बालक नाथ के चरणों में विशेष अरदास करवाई। परिवार ने मन्नत मांगी थी कि यदि उनका बच्चा सामान्य बच्चों की तरह बोलने लगेगा, तो वे दोबारा दर्शन के लिए आएंगे।
महज एक साल के भीतर दिखा सुखद परिणाम
सिमरन के परिवार का दावा है कि अरदास के बाद एक साल के भीतर ही चमत्कारिक बदलाव आया। सिमरन ने धीरे-धीरे बोलना शुरू किया और अब वह शब्दों का स्पष्ट उच्चारण कर रहा है। बच्चे की आवाज सुनकर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे अपनी मन्नत पूरी होने पर दोबारा बाबा का शुक्रिया अदा करने शाहतलाई पहुंचे। जब परिवार ने मंदिर में शीश नवाया, तो उनकी आंखें नम थीं और चेहरे पर असीम संतोष का भाव था।
श्रद्धा और मुरादों का केंद्र बना शाहतलाई
पंडित सरवण कुमार शर्मा के अनुसार, कलियुग में बाबा बालक नाथ की महिमा अपरंपार है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद बाबा जरूर पूरी करते हैं। इन दिनों शाहतलाई में चैत्र मास के मेले चल रहे हैं और लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंच रहे हैं। सिमरन की यह कहानी अब मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। दूर-दराज से आए लोग भी इसी तरह की अरदास लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।

