Himachal News: रबी सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने गेहूं की खरीद की तैयारी पूरी कर ली है। इस बार खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि किसान को मंडी से उपज बेचने के 48 घंटे के भीतर ही पैसा मिल जाए, जिससे उसे अगली फसल की तैयारी में कोई दिक्कत न हो।
डिजिटल स्मार्टनेस ने बदली खेती की तस्वीर
अब खेतीकेवल मेहनत का काम नहीं रह गई है। डिजिटल स्मार्टनेस के चलते पूरी प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। सरकार ने न केवल गेहूं की नई कीमतें तय की हैं, बल्कि भुगतान प्रणाली को भी तेज कर दिया है। पुराने जमाने की तरह चेक के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
PFMS से बिचौलियों का खात्मा
खेती-किसानीमें भुगतान अब पीएफएमएस (PFMS) यानी पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से होता है। यह सिस्टम आधार से लिंक बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर करता है। इस तरह बिचौलियों का रोल पूरी तरह खत्म हो जाता है। सरकारी खरीद पूरी होते ही सिस्टम अपने आप भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर देता है। सरकार की पूरी कोशिश है कि 48 घंटे के अंदर ही किसान के मोबाइल पर पैसे आने का कन्फर्मेशन मैसेज आ जाए।
48 घंटे में नहीं आया पैसा तो यहां करें शिकायत
अगर गेहूंबेचने के 48 घंटे बाद भी खाते में पैसा नहीं आया है तो सबसे पहले अपने आधार और बैंक की मैपिंग जांच लें। छोटी सी तकनीकी गलती से भी ट्रांजेक्शन फेल हो सकता है। किसान खरीद केंद्र के प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं या राज्य सरकार के किसान हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल या किसान सुविधा ऐप के जरिए भी भुगतान की स्थिति ट्रैक की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से फंसा हुआ पैसा जल्दी रिलीज हो जाता है।

