धोनी के गढ़ में चेन्नई की शर्मनाक हार, पंजाब किंग्स ने 209 रन बनाकर जीता रोमांचक मुकाबला

Chennai News: चेन्नई सुपर किंग्स को अपने ही घर में करारी हार मिली है। पंजाब किंग्स ने चेन्नई को बुरी तरह रौंदकर शानदार जीत हासिल की। चेन्नई का विशाल स्कोर भी उसे हार से नहीं बचा सका। पंजाब ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। अब श्रेयस अय्यर की टीम चार अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल के शिखर पर है। वहीं चेन्नई की टीम अंतिम पायदान पर खिसक गई है।

पंजाब किंग्स की जोरदार शुरुआत

पंजाब किंग्स के सामने दो सौ दस रनों का बड़ा लक्ष्य था। इतनी बड़ी चुनौती के बावजूद टीम ने बिना किसी दबाव के अपनी पारी की शुरुआत की। युवा ओपनर प्रियांश आर्या ने मैदान पर उतरते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने केवल ग्यारह गेंदों का सामना किया और उनतालीस रनों की धुआंधार पारी खेली। उनकी इस आक्रामक पारी ने चेन्नई के सभी प्रमुख गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

दूसरे छोर पर प्रभसिमरन सिंह ने भी शानदार खेल दिखाया और तेजी से रन बनाए। दोनों ओपनर्स ने मिलकर केवल बीस गेंदों में ही टीम का स्कोर पचास रनों के पार पहुंचा दिया। हालांकि प्रियांश और प्रभसिमरन जल्द ही आउट हो गए। प्रभसिमरन ने तिरालीस रनों का अहम योगदान दिया। इन दोनों के पवेलियन लौटने के बाद कूपर कोनोली ने मैदान संभाला और छ्त्तीस रनों की बहुत उपयोगी पारी खेलकर टीम को मजबूती दी।

श्रेयस अय्यर का कप्तानी कमाल

पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही थी, लेकिन बीच के ओवरों में मैच थोड़ा बदल गया। लगातार दो विकेट गिरने से चेन्नई सुपर किंग्स को वापसी का एक छोटा मौका मिला। चेन्नई के फैंस को लगा कि मैच उनके पक्ष में आ जाएगा। लेकिन उसी समय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी लेते हुए मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने मैदान पर टिककर शानदार बल्लेबाजी की और टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।

श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलते हुए महज छब्बीस गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वे उनतीस गेंदों पर पचास रन बनाकर आउट हुए। उनके तुरंत बाद नेहाल वढेरा भी अपना विकेट गंवा बैठे। चेन्नई ने फिर से दबाव बनाने की पूरी कोशिश की। मगर शशांक सिंह ने चौदह रन और मार्कस स्टॉइनिस ने नौ रन बनाकर मैच खत्म कर दिया। उन्नीसवें ओवर में ही पंजाब किंग्स ने जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया।

चेन्नई सुपर किंग्स की बल्लेबाजी

इससे पहले मैच की शुरुआत में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीता था। उन्होंने बिना किसी संकोच के पहले गेंदबाजी करने का सटीक फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। चेन्नई की जर्सी में खेल रहे संजू सैमसन एक बार फिर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। सैमसन केवल सात रन के निजी स्कोर पर आउट होकर वापस पवेलियन लौट गए और निराश किया।

संजू सैमसन के जल्दी आउट होने के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ से बड़ी पारी की उम्मीद थी। हालांकि कप्तान ऋतुराज भी मैदान पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सके। उन्होंने बहुत धीमी बल्लेबाजी की और बाइस गेंदों का सामना करते हुए केवल अट्ठाईस रन बनाए। उनके आउट होने के बाद नंबर तीन पर आयुष म्हात्रे को बल्लेबाजी के लिए मैदान पर भेजा गया। आयुष ने आते ही रन गति को तेजी से आगे बढ़ाया।

आयुष म्हात्रे ने समझदारी से खेलते हुए शानदार रन बटोरे। उन्होंने तिरालीस गेंदों पर तिहत्तर रनों की बहुत ही बेहतरीन पारी खेली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके आउट होने के बाद पारी के आखिरी ओवरों में शिवम दुबे ने अपना आक्रामक रुख अपनाया। शिवम दुबे ने मैदान के हर कोने में चौकों और छक्कों की जमकर बरसात की और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी किया।

शिवम दुबे ने ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए केवल सत्ताईस गेंदों पर पैंतालीस रनों की तेज पारी खेली। इस तरह चेन्नई सुपर किंग्स ने निर्धारित बीस ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर दो सौ नौ रन बनाए थे। यह एक बहुत ही विशाल स्कोर लग रहा था। इसके बावजूद पंजाब के बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के सामने चेन्नई के गेंदबाज बेबस नजर आए और टीम मैच हार गई।

चेन्नई के गेंदबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन

चेन्नई सुपर किंग्स के पास हमेशा से एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण रहा है। लेकिन इस महत्वपूर्ण मैच में टीम के सभी प्रमुख गेंदबाज अपनी लय से पूरी तरह भटक गए। दो सौ दस रनों के बड़े लक्ष्य को बचाने के लिए सटीक गेंदबाजी की बेहद जरूरत थी। पंजाब किंग्स के युवा बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही चेन्नई के तेज गेंदबाजों को अपना मुख्य निशाना बनाया और जमकर रन आसानी से बटोरे।

चेन्नई के स्पिनर्स भी घरेलू पिच का कोई खास फायदा नहीं उठा सके। बीच के ओवरों में जब विकेट की सबसे ज्यादा तलाश थी, तब भी गेंदबाज कोई खास दबाव बनाने में सफल नहीं हुए। श्रेयस अय्यर ने बिना जोखिम उठाए खाली जगहों पर गेंद धकेल कर आसानी से सिंगल और डबल रन लिए। इस खराब गेंदबाजी के कारण चेन्नई को लगातार दूसरी बार करारी हार का मुंह देखना पड़ा है।

चेन्नई के फैंस को लगा बड़ा झटका

एमए चिदम्बरम स्टेडियम में मैच देखने आए हजारों स्थानीय फैंस को इस शर्मनाक हार से भारी निराशा हुई है। अपने घरेलू मैदान पर चेन्नई की टीम हमेशा से काफी मजबूत मानी जाती रही है। लगातार दो मैच हारने के बाद अब टीम मैनेजमेंट को अपनी रणनीति पर गहराई से विचार करना होगा। टीम की कमजोर गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर की खराब फॉर्म इस समय सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

SOURCE: न्यूज़ एजेंसियां
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