करोड़ों राशन कार्ड हुए रद्द, कहीं आपका नाम भी तो नहीं कटा? संसद में हुआ बड़ा खुलासा

National News: देश में राशन वितरण प्रणाली को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा में सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इस बड़े बदलाव की अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बना रही है। इस नई पहल के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान हुई है। सरकार का मुख्य मकसद है कि खाद्य सब्सिडी का लाभ सिर्फ असली और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।

8.51 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों की हुई पहचान

राइटफुल टार्गेटिंग अभियान के तहत देशभर में एक बड़ा चेकिंग अभियान चलाया गया। विभिन्न सरकारी डेटाबेस खंगालने पर 8.51 करोड़ संदिग्ध राशन कार्ड धारक मिले। इस सूची में ऐसे कई लोग शामिल थे जो वास्तव में इस योजना के हकदार नहीं थे। इनमें मुख्य रूप से ये लोग शामिल थे:

  • इनकम टैक्स के दायरे में आने वाले लोग
  • विभिन्न कंपनियों के निदेशक
  • मृतक और डुप्लीकेट कार्ड धारक
  • लंबे समय से राशन न लेने वाले लोग

जमीनी पड़ताल में 2.21 करोड़ नाम कटे

संदिग्ध सूची बनने के बाद राज्यों ने जमीनी हकीकत परखी। इस भौतिक जांच के बाद 2.21 करोड़ अपात्र लोगों के नाम राशन सूची से हमेशा के लिए काट दिए गए। वहीं जांच में 2.64 करोड़ लोग सही पाए गए और उनका राशन जारी है। हिमाचल प्रदेश में 5 लाख 32 हजार से ज्यादा संदिग्ध मिले थे। जांच पूरी होने के बाद वहां 25,357 अपात्र लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

राशन प्रणाली हुई 100 प्रतिशत डिजिटल

तकनीक के जरिए इस पूरी व्यवस्था में सेंधमारी को रोका गया है। अब देशभर में राशन कार्डों का 100 फीसदी डिजिटलीकरण हो चुका है। लगभग सभी कार्ड आधार से जुड़ चुके हैं और ई-केवाईसी का काम बेहद तेजी से चल रहा है। राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लग गई हैं। अब हर व्यक्ति को बायोमीट्रिक पहचान के बाद ही राशन दिया जा रहा है।

तकनीकी खामी से नहीं रुकेगा गरीबों का राशन

अनुराग ठाकुर ने सदन में साफ किया कि किसी भी तकनीकी दिक्कत के कारण गरीब का राशन नहीं रोका जाएगा। सरकार अपात्र लोगों को हटाकर पूरे सिस्टम की सफाई कर रही है। साथ ही वितरण ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। इन बड़े सुधारों से देश की खाद्य सुरक्षा ज्यादा पुख्ता होगी और हर गरीब को उसका अधिकार समय पर मिलेगा।

SOURCE: न्यूज़ एजेंसियां
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