Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस सरकार की व्यवस्था परिवर्तन नीति को पूरी तरह से विफल करार दिया है। ठाकुर ने इसे भ्रष्टाचार का संरक्षण और मित्रों के भरण पोषण का मॉडल बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार केवल मित्रों की है और मित्रों के लिए ही चल रही है। जयराम ठाकुर ने मौजूदा सरकार की पूरी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
गरीबों को कागजों में मृत घोषित कर रही है सरकार
जयराम ठाकुर ने सरकार पर अमानवीय व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सहारा योजना जैसी महत्वपूर्ण पेंशन को बंद करने की साजिश हो रही है। योजना को रोकने के लिए गरीबों को कागजों में मृत घोषित किया जा रहा है। ठाकुर ने कहा कि राज्य में हिमकेयर योजना को जानबूझकर बंद किया जा रहा है। राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और मरीजों को इलाज करवाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का सिस्टम पर नियंत्रण पूरी तरह खत्म
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अस्पताल में एक इंजेक्शन के लिए लोगों को अपने जेवर और मंगलसूत्र तक गिरवी रखने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू का सिस्टम पर नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के सामने नतमस्तक हो गए हैं। आज राज्य के मंत्रिमंडल पर मित्र मंडल पूरी तरह हावी हो गया है। सरकार ने सलाहकारों की एक बड़ी फौज को कैबिनेट रैंक दे दिया है और सरकारी संसाधनों की भारी लूट मचाई है।
जनता पर टैक्स का बोझ और विकास कार्य पूरी तरह ठप
प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर पूर्व मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर भारी वैट लगा दिया गया है। अस्पतालों की फीस बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ दी गई है। राज्य पर कर्ज का आंकड़ा ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुका है। दूसरी तरफ राज्य में सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। उद्योग लगातार प्रदेश छोड़कर बाहर जा रहे हैं और युवाओं से रोजगार के अवसर छीने गए हैं।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं का मजाक बना रही है कांग्रेस सरकार
जयराम ठाकुर ने सरकार के कई प्रशासनिक और संवैधानिक फैसलों की भी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पंचायत चुनावों जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक विषयों का जिक्र किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन अहम मामलों पर बार-बार गलत फैसले लिए जा रहे हैं। सुक्खू सरकार ने अपनी ऐसी नीतियों से सभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सिर्फ मजाक बनाया है। राज्य की जनता इस मित्र मंडली वाली सरकार के कुशासन से पूरी तरह परेशान हो चुकी है और अब बड़ा बदलाव चाहती है।

