Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर जनहित की योजनाओं को जानबूझकर गला घोंटने का तीखा आरोप लगाया है। सराज के शंकर देहरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि सरकार एक गहरी साजिश के तहत ‘हिमकेयर’ जैसी जीवनदायिनी योजना को बंद करना चाहती है। जयराम ठाकुर ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर गरीबों के हक छीने जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने साफ कहा कि भाजपा सरकार के इस जनविरोधी रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी।
हिमकेयर योजना को बदनाम करने का षड्यंत्र
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने हिमकेयर योजना उन लाखों परिवारों के लिए शुरू की थी जो महंगे इलाज के डर से अस्पताल नहीं जा पाते थे। अब तक 11 लाख से अधिक लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार को इस योजना में एक भी पैसे की धांधली नहीं मिली, तो अब इसे बदनाम करने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार गरीबों के मुफ्त इलाज को बंद करने के लिए ब्लैकमेलिंग पर उतर आई है?
जिंदा लोगों को कागजों में ‘मृत’ दिखाकर रोकी पेंशन
जनसभा में जयराम ठाकुर ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल सरकार ने क्रूरता की हद पार करते हुए ‘सहारा पेंशन’ पा रहे कई जीवित लोगों को सरकारी फाइलों में मृत घोषित कर दिया है। इसी बहाने उनकी पेंशन रोक दी गई है। उन्होंने ऐलान किया कि भाजपा ऐसे सभी पीड़ितों का डाटा इकट्ठा करेगी। बहुत जल्द सरकार की इस साजिश को पूरी जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा। वृद्धों और दिव्यांगों की पेंशन रोकना सरकार की गिरती नैतिकता का प्रमाण है।
देव संस्कृति ही हिमाचल की असली पहचान
राजनीतिक हमलों के बीच जयराम ठाकुर ने प्रदेश की देव संस्कृति के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने शंकर देहरा में देव विष्णु मतलोड़ा जी और देवी दुलासन जी के नवनिर्मित रथों की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता चाहे जितनी बढ़ जाए, हिमाचल की जड़ें उसकी अटूट आस्था और परंपराओं में ही बसती हैं। देव संस्कृति का संरक्षण करना हर हिमाचली का गौरव और जिम्मेदारी है।

